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बूम पार्किंग हटने की आशंका से उचौलीगोठ के ग्रामीणों में गुस्सा

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सडीएम हिमांशु कफलयि को ज्ञापन सौंपते उचौलीगोठ के ग्रामीण। - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के बूम पार्किंग स्थल की भूमि विवाद का मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद पार्किंग स्थल हटने की आशंका से उचौलीगोठ के ग्रामीणों में गुस्सा है।
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ग्रामीणों के शिष्टमंडल ने एसडीएम हिमांशु कफल्टिया से मुलाकात कर पार्किंग स्थल न हटाने की वकालत की। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेज कर वन विभाग ने पार्किंग स्थल की मंजूरी दिलाने की मांग की है।
बूम पार्किंग स्थल की भूमि को लेकर राजस्व और वन विभाग के बीच शुरू से विवाद चला आ रहा है, लेकिन इस बार मेला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी की गई पार्किंग ठेके की निविदा पर वन विभाग के आपत्ति लगाने से फिर विवाद गर्मा गया है।
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यहां तक कि बूम पार्किंग स्थल की भूमि को लेकर खटीमा निवासी अमित खोलिया की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका तक दायर की गई है, जिस पर हाईकोर्ट ने बूम पार्किंग पर रोक लगा सर्वे ऑफ इंडिया से पार्किंग स्थल की भूमि की सर्वे कराने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट के इस आदेश से मेला प्रशासन के सामने पार्किंग स्थल की समस्या पैदा हुई है। इधर बूम पार्किंग विवाद से उचौलीगोठ के ग्रामीणों में गुस्सा है। पार्किंग विवाद को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का शिष्टमंडल से मिला।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 से बूम में निर्बाध रूप से पार्किंग चल रही है, लेकिन इस बार वन विभाग बेवजह भूमि विवाद बता रहा है। पार्किंग के कारण गांव के 30 परिवारों की आजीविका चल रही है।
यदि पार्किंग हटाई गई तो इन परिवारों के सामने आजीविका का संकट पैदा होगा। शिष्टमंडल में नित्यानंद भट्ट, पूर्णागिरि मंदिर समति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, बची महर, विशन सिंह महर, जीत सिंह, पूजा भट्ट, केदार सिंह, आनंद सिंह, आन सिंह, प्रकाश सिंह आदि थे।
बोले, पार्किंग हटाई तो करेंगे आत्मदाह
एसडीएम से वार्ता में ग्रामीण नित्यानंद भट्ट और बची महर ने कहा कि यदि बूम पार्किंग उचौलीगोठ के ग्रामीणों की आजीविका का माध्यम बन गई है और यदि वहां से पार्किंग हटाई गई तो वे आत्मदाह तक कर सकते हैं।
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