सेंट फ्रांसिस स्कूल की मनमानी के खिलाफ एसडीएम को ज्ञापन सौंपते अभिभावक।
- फोटो : अमर उजाला
फीस के नाम पर सेंट फ्रांसिस स्कूल की कथित मनमानी और लूट-खसोट से तंग अभिभावकों ने स्कूल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को एसडीएम से मिले अभिभावकों के शिष्टमंडल ने स्कूल में शिक्षा के नाम पर चल रहे व्यवसाय और प्रबंधन की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग उठाई है। आगाह किया गया है कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जरूरी कार्रवाई नहीं की गई तो अभिभावक आंदोलन की राह पकड़ने को बाध्य होंगे।
राज्य आंदोलनकारी हरीश चंद्र कलौनी के नेतृत्व में एसडीएम से मिले अभिभावकों ने ज्ञापन सौंप बच्चों की पढ़ाई के नाम पर स्कूल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे अभिभावकों के आर्थिक शोषण की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि कक्षा एक से पांच तक 2640 रुपये और कक्षा छह से आठ तक के बच्चों से 2950 रुपये फीस ली जाती है। जून तक फीस वसूला जाती है जबकि अभिलेखों में नए सत्र में अप्रैल माह से फीस लेना दर्शाया जा रहा है। कॉपी, किताब और ड्रेस स्कूल से लेना अनिवार्य है जिसे मनमाने रेट पर बेच कर अभिभावकों की जेब काटने का धंधा चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा को व्यवसाय का रूप दे रखा है, जिससे अभिभावक मजबूरी में आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक माह का समय देते हुए आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में अवधेश जायसवाल, हर्ष वर्धन आर्या, सौरभ सक्सेना, राकेश जोशी, गिरीश भट्ट, सुनील कुमार, अशोक पाल, मंजू चंद, मीना बुराठी, निर्मला तिवारी, सुदर्शन लाल, विनोद पाठक, रश्मि पंत समेत करीब 60 अभिभावक शामिल हैं। इधर, इस मामले में स्कूल प्रबंधक से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन नहीं हो पाया।