देवी मां का डोला लेकर मां पूर्णागिरि के दर्शन को जाते श्रद्घालुओं की टोली।
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टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले की रौनक पर भी कोरोना वायरस का खौफ दिखने लगा है। स्कूलों की छुट्टी के बाद भी कोरोना वायरस के खौफ के चलते मेले में श्रद्धालुओं की आवक कम है। मेले के चौथे दिन शनिवार को 24 घंटे में यहां सिर्फ आठ हजार श्रद्धालु ही देवी मां के दर्शन को पहुंचे। श्रद्धालुओं की आवक कम होने की वजह मौसम का खराब होना भी बताई जा रही है।
पूर्णागिरि मेले में चौथे दिन मेले की रौनक फीकी रही। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि शनिवार को 24 घंटे में सिर्फ आठ हजार श्रद्धालु ही दर्शन के लिए पहुंचे। उनका मानना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के भय के साथ ही मौसम बिगड़ने से भी भक्त कम आए।
सफाई ठेेकेदार को दिया नोटिस, ठेका निरस्त करने की चेतावनी
मंदिर समिति कोषाध्यक्ष कैलाश चंद्र पांडेय ने बताया कि ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार से लेकर काली मंदिर क्षेत्र तक सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। यहां कीटनाशक दवाओं को छिड़काव तो दूर नियमित रूप से झाड़ू तक नहीं लग रही है। गंदगी होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। नोटिस में ठेकेदार को सफाई जल्द दुरुस्त नहीं किए जाने पर ठेका निरस्त करने की हिदायत दी गई है।
बुजुर्ग श्रद्धालु का हुआ ब्रेन हेमरेज
पूर्णागिरि दर्शन को जाते त्रिवेणी नगर सीतापुर रोड लखनऊ निवासी नंद कुमार (75) पत्नी गोपी चंद्रा अपनी दो बेटियों और दामाद के साथ आईं थीं। काली मंदिर से ऊपर की सीढ़ी चढ़ते समय अचानक उनका ब्रेन हेमरेज हो गया। एंबुलेंस से उन्हें फौरन अस्पताल लाया गया। चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।
-ठेकेदार ने रातभर बंद रखी पथ प्रकाश व्यवस्था
शुक्रवार को रात भर बारिश के चलते पूर्णागिरि मेला क्षेत्र की पथ प्रकाश व्यवस्था पूरी रात बंद रही। ठेकेदार द्वारा रात करीब 11 बजे से सुबह तक पिथौरागढ़ चुंगी तिराह से मुख्य मंदिर तक पथ प्रकाश की व्यवस्था बंद रखी गई। जिससे समूचे मेला क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा।