टनकपुर (चंपावत)। उचौलीगोठ के 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र में रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत चल रही खनन की कार्रवाई के विरोध में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर गांवों की सुरक्षा और जनहित को देखते हुए प्रशासन से खनन न कराने की मांग की है। आगाह किया है कि यदि खनन कराया गया तो वे इसके विरोध में आमरण अनशन शुरू करेंगे।
रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत प्रशासन ने उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र में खनन का ठेका आवंटित किया है। इसको लेकर ग्रामीण शुरू से विरोध कर रहे हैं। प्रशासन, खनन और वन विभाग की संयुक्त टीम की ओर से खनन के लिए सीमांकन किए जाने के बाद ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया है। शुक्रवार को नरेश सकारी की अगुवाई में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने तहसील में नारेेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि खनन से उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली, थ्वालखेड़ा, नायकगोठ, हनुमानगढ़ी, शारदा चुंगी के ग्रामीणों की कृषि भूमि और मकानों को शारदा के कटाव से खतरा पैदा होगा। प्रदर्शन में कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख मोहन चंद राजपूत, बीडीसी सदस्य अशोक पाल, गीता सेठी, आशा चंद, संगीता देवी, निर्मला, लक्ष्मण रात, पुष्कर सिंह, ललिता देवी, सीता देवी, हेमा, मोना, नरू, पुष्पा, पार्वती, माया, कमला, द्रोपती, तुलसी, अमर कोहली आदि शामिल थे।