घाट और पनार के बीच बने दो पुलों की हालत रखरखाव के अभाव में ठीक नहीं है। पहले इस सड़क की रखरखाव लोक निर्माण विभाग की ओर से की जाती थी। इस वर्ष अप्रैल से यह सड़क एनएच में शामिल हो गई है। पनार नदी में बना लगभग 40 मीटर लंबा वैली पुल वन लेन का है। इसका निर्माण हुए तीन दशक से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक इनकी कोई मरम्मत नहीं की गई है।
इसी के पास घाट की ओर गधेरे में वर्ष 1993 में जल्दबाजी में बनाया गया पुल भी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। उस वक्त सितंबर में हुई भारी वर्षा के कारण यहां के कई पुल बह गए थे। इस स्थान का पुल भी नाले के बहाव में बह गया था। उसके स्थान पर वैली ब्रिज का निर्माण किया गया। वाहनों के आवागमन में यह पुल हिलने लगता है। लगभग 11 मीटर लंबे इस पुल में भी निर्माण के बाद भी कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है।
नए पुलों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
एनएच डिवीजन के अधिशासी अभियंता मनोहर धर्मसत्तू के अनुसार इन दोनों पुलों को टू लेन पुल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में यहां सिंगल लेन के ही वैली ब्रिज हैं, जिनको टू लेन करने पर इनके स्थान पर नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इन पुलों की डीपीआर तैयार की जा रही है।