टनकपुर् के ग्राम बिचई में बारिश से खेत में गिरी तैयार धान की फसल। स्रोत : किसान
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र में कई जगह किसानों के खेतों में तैयार धान की फसल बारिश से गिर गई। पानी से नमी बढ़ने और फसल को नुकसान की आशंका से किसान अधिक चिंतित हैं। किसानों ने क्षति का आकलन कर मुआवजे की मांग की है।
बीते मंगलवार को सुबह से दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। वर्तमान में किसानों की खेतों में धान की फसल लगभग तैयार हो गई है। बारिश और हवाएं चलने से जगह-जगह फसलें गिर गई हैं। ग्राम बिचई के किसान नीरज देउपा ने बताया कि उनके पांच बीघा में तैयार धान की फसल में से करीब तीन बीघा खेत में फसल गिर गई है। खेत में पानी भी भर गया है, जिससे फसल को नुकसान होने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि खेत में कट चुकी फसल पानी के कारण अंकुरित हो रही है। इससे उनको नुकसान हो रहा है। पूर्व बीडीसी सदस्य अशोक पाल ने क्षति का आकलन कर पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग उठाई। इधर, ग्राम सभा आमबाग की ग्राम प्रधान ललिता खत्री ने बताया कि ग्राम सभा के कई किसानों की धान फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। संवाद
चंपावत में 32 मिमी बारिश दर्ज
चंपावत/बनबसा। चंपावत में पिछले 24 घंटे में 32 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। पाटी में 20 मिमी, बनबसा में 21 और लोहाघाट में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई। बुधवार को बनबसा में 21 मिमी बारिश हुई। पहली जून से अबतक बनबसा में 2349 मिमी बारिश हो चुकी है। बुधवार को बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 33,428 क्यूसेक रहा। क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। जिला उद्यान अधिकारी हरीश लाल कोहली ने बताया कि बारिश के चलते सितंबर तक 168 हेक्टेयर में काश्तकारों की खेती को भारी नुकसान हुआ है। जिले भर में करीब 70 लाख का नुकसान काश्तकारों को उठाना पड़ा है। संवाद