अंग्रेजी शराब ओवररेट में बेचने की शिकायत पर एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने छापा मार कर दुकान का लाईसेंस निरस्त करने की हिदायत जरूर दी, लेकिन एसडीएम की इस हिदायत का शराब विक्रेताओं पर कोई असर नहीं हुआ है। लाइसेंस की आड़ में शराब के शौकीनों की जेब काटकर लाखों के वारे-न्यारे करने का खेल बेखौफ चल रहा है।
राज्य से शराब माफियाओं का सिंडिकेट खत्म करने के लिए सरकार ने नई नीति लागू की है, लेकिन इसके बावजूद शराब के कारोबार में अवैध कमाई का धंधा नहीं थमा है। शिकायत मिलने पर 4 जून को एसडीएम ने मय फोर्स दुकान में छापा मारकर न सिर्फ शराब की ओवर रेट बिक्री पकड़ी थी, बल्कि दुकान में शराब की ब्रांडों की रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं पाई।
एसडीएम ने दुकान के सेल्समैनों को हिदायत दी और आबकारी निरीक्षक को दुकान के बाहर रेट लिस्ट लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। रेट लिस्ट तो लगा दी गई, परंतु शराब की ओवर रेट बिक्री नहीं थमी है।
छापे के दिन शराब के शौकीनों को रेट टू रेट शराब मिली तो वे खुश थे, लेकिन दूसरे दिन से फिर ओवर रेट शराब मिलन पर वे एसडीएम के छापे की मजाक उड़ाते नजर आ रहे हैं।