वर्षाकाल में आपदा के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मां श्री पूर्णागिरि धाम में रात के वक्त दर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक श्रद्धालु काली मंदिर से ऊपर नहीं जा सकेंगे। पुलिस के साथ ही मंदिर समिति को भी इस बाबत निर्देशित किया गया है।
पूर्णागिरि धाम की यात्रा वर्षाकाल में जोखिम भरी हो जाती है। बारिश के वक्त आपदा का खतरा हमेशा बना रहता है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने इस बार रात के वक्त दर्शन पर रोक लगा दी है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि फिलहाल भैरव मंदिर तक मोटर मार्ग और मुख्य मंदिर तक पैदल मार्ग खोल दिया गया है, लेकिन वर्षाकाल में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा है, जिसे देखते हुए रात के वक्त दर्शन पर रोक लगाई गई है। दिन के वक्त यात्री सुरक्षा का ध्यान रखते हुए दर्शन को आ-जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोनिवि को मार्ग और जलसंस्थान को पेयजल लाइन वर्षाकाल में दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि बारिश का मौसम शुरू होने के बाद भी मां पूर्णागिरि के दर्शन को अब भी बड़ी तादात में श्रद्धालु आ रहे हैं।