चंपावत जिला अस्पताल में आपरेशन करते डाक्टर आरपी खंडूरी।
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जिला अस्पताल में तैनात निश्चेतक का प्रतिस्थानी के बगैर तबादले किए जाने का दंश चंपावत के मरीज झेल रहे हैं। निश्चेतक नहीं होने से जिला अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। निश्चेतक का तबादला हुए एक माह बीतने के बाद भी यहां किसी की तैनाती नहीं हो सकी है, जिससे अस्पताल में बड़े ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। बीते पांच अगस्त को सीएमओ ने टनकपुर में तैनात निश्चेतक को सोमवार, मंगलवार और बुधवार को जिला अस्पताल में सेवा देने का आदेश दिया था, लेकिन सप्ताह के पहले तीन दिन यानि बुधवार तक टनकपुर के निश्चेतक यहां नहीं पहुंचे। बुधवार को सर्जन ने बगैर निश्चेतक के तीन छोटे ऑपरेशन जरूर किए।
चंपावत के निश्चेतक का जुलाई माह के शुरू में यहां से खटीमा स्थानांतरण हुआ, लेकिन अभी तक उनके स्थान पर किसी की तैनाती नहीं हुई। ऑपरेशन के लिए मरीज को बेहोश करने के लिए निश्चेतक की जरूरत होती है। उनके नहीं होने से यहां ब्लड बैंक व सर्जन होने के बावजूद ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। इसको देखते हुए सीएमओ ने टनकपुर के निश्चेतक को सप्ताह में शुरू के तीन दिन में जिला अस्पताल में तैनाती देने के आदेश दिए थे। एक सप्ताह बीतने के बाद भी अभी तक इन आदेशों का पालन नहीं हो सका। मुख्य चिकित्सा मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि टनकपुर में तैनात निश्चेतक ने बुधवार तक जिला अस्पताल में सेवाएं नहीं दी। इसकी जानकारी सीएमओ को दे दी गई है।
सीएमएस का कहना है कि हाइड्रोसिल, रसौली जैसे कई छोटे आपरेशन सर्जन कर रहे हैं। लेकिन बड़े ऑपरेशन के लिए निश्चेतक की जरूरत पड़ती है। बुधवार को सर्जन डॉ.आरपी खंडूरी ने जिला अस्पताल में बगैर निश्चेतक के तीन छोटे आपरेशन किए। चैकुनी निवासी लक्ष्मण सिंह का हाइड्रोसिल और लोहाघाट के उषा धामी और शंकर का कमर की रसौली का ऑपरेशन किया गया। गौरतलब है कि जिले में दो निश्चेतक (टनकपुर व लोहाघाट) तैनात हैं। लोहाघाट में तैनात निश्चेतक जून में ज्वाइन करने के बाद से ही अवकाश पर हैं।
कोट
टनकपुर के निश्चेतक को सप्ताह के पहले तीन कार्य दिवसों में जिला अस्पताल में सेवाएं देने के आदेश दिए गए हैं। टनकपुर संयुक्त अस्पताल में भी डॉक्टरों की कमी है। इसलिए वहां के निश्चेतक को बड़े आपरेशन के दौरान ही जिला अस्पताल आने को कहा गया है।
डॉ.एमएस बोहरा, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।