कूंण वन पंचायत में गुपचुप तरीके से चीड़ के सूखे पेड़ों का दोहन करने पर ग्रामीणों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों के अलावा वन पंचायत को विश्वास में लिए बगैर वन विभाग द्वारा पेड़ों का निस्तारण किया जा रहा है, जिससे यहां हरे पेड़ों का कटने का भी खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से लिखित शिकायत एसडीएम निर्मला बिष्ट को दी गई। एसडीएम ने तहसीलदार बीएस माहरा को मौके में जाकर जांच के आदेश दिए हैं।
ग्रामीणों ने तत्काल पेड़ों का दोहन बंद कर गांव की खुली बैठक में निविदा के आधार पर पेड़ों का निस्तारण करने की मांग की है। उनका आरोप है कि विभाग कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए गुपचुप तरीके से कार्य कर रहा है। निर्मला बिष्ट का कहना है कि इस संबंध में तहसीलदार को जांच के आदेश दे दिए गए हैं, प्रक्रिया नियमानुसार न होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में वन पंचायत के पंच भागीरथी देवी, गंगा देवी, केदार गिरि, गोदावरी, श्याम सिंह, ग्राम प्रधान त्रिलोक सिंह, बीडीसी सदस्य मीनाक्षी देवी, हरीश सिंह, हरीश गिरि, पूरन गिरि, खीम गिरि, मान सिंह, दयाकृष्ण, राजेंद्र सिंह आदि थे।