राज्य जूनियर हाइस्कूल शिक्षक संघ की जिला इकाई ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) को ज्ञापन सौंपकर उच्चीकृत विद्यालयों का संचालन अलग से करने, जिले में शिक्षकों की लंबित मांगों एवं उनके निराकरण की मांग की। उनका कहना था कि 26 नवंबर 2016 को जारी शासनादेश के अनुरूप उच्चीकृत विद्यालयों का अलग से संचालन नहीं किया जा रहा है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री के निर्देशानुसार सभी प्रकार के संबद्धीकरण निरस्त कर दिए गए हैं, लेकिन जिले में एक भी संबद्धीकरण निरस्त नहीं किया गया है।
शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष रमेश देव और महामंत्री देवीदत्त जोशी के नेतृत्व में मिले शिष्टमंडल ने बताया कि प्राथमिक और जूनियर हाइस्कूल में कार्यरत शिक्षकों के वर्ष 2006 से 2009 तक की जीपीएफ की धनराशि में ब्याज नहीं लगा है। सर्व शिक्षा अभियान के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को माह की प्रथम तिथि में वेतन देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने, वार्षिक स्थानांतरण के लिए सुगम और दुर्गम स्कूलों का सही निर्धारण करने, शिक्षकों की वरिष्ठता सूची बनाकर उसे सार्वजनिक करने आदि की मांगों को प्रमुखता से उठाया। डीईओ सत्यनारायण ने शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। ज्ञापन देने वालों में आरसी जोशी, जगदीश तड़ागी, पान सिंह अधिकारी, त्रिलोक राम, महेश गिरि गोस्वामी आदि शामिल रहे।