चंपावत जिले के भिंगराड़ा में पशु अस्पताल में लटका ताला।
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जिले के पाटी विकासखंड के भिंगराड़ा में पशु अस्पताल खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। अधिकारियों के निर्देश के बाद भी भिंगराड़ा पशु अस्पताल में चिकित्सक के न बैठने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। भिंगराड़ा बाजार में हुई ग्रामीणों की बैठक में पशु अस्पताल का ताला खोलने तथा यहां पशु चिकित्सक की तैनाती की मांग को लेकर विचार विमर्श किया गया।
शिवदत्त भट्ट की अध्यक्षता और दीपक शर्मा के संचालन में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में वक्ताओं का कहना था कि भिंगराड़ा में पशु अस्पताल न होने से लोगों को जानवरों के बीमार होने पर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो इलाज के अभाव में जानवर दम तोड़ देते हैं। लंबे समय से लोग पशु अस्पताल खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में पांच साल पहले तक स्थायी पशु चिकित्सक तैनात था।
जो किराए के भवन में अस्पताल संचालित करते थे। अधिकारियों ने कुछ समय पहले लोगों की मांग पर रीठा साहिब के पशु चिकित्सक को सप्ताह में दो दिन भिंगराड़ा बैठने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में खेतीखान में तैनात पशु चिकित्सकों की ओर से भिंगराड़ा में महीने में एक बार शिविर लगाकर पशुओं का उपचार करने के साथ ही दवाएं वितरित की जाती हैं। इस मौके पर राकेश भट्ट, सुरेश भट्ट, दीपक भट्ट, दिनेश भट्ट, हेम चंद्र जोशी, हेम भट्ट, विनोद भट्ट, मोहन चंद्र भट्ट आदि ने भिंगराड़ा में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग उठाई। चिकित्सक की तैनाती न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।