अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। आपात चिकित्सा सेवा 108 ने बीते एक वर्ष में जिले में 2428 लोगों की जान बचाई। कॉलों में कम से कम समय में रिस्पोंस कर मरीज को अस्पताल पहुंचाया और वक्त पर मदद मुहैय्या कराई। एक साल में औसत रिसपोंस टाइम में 5.16 मिनट की कमी आई। मई 2019 में मरीज की कॉल आने पर 31 मिनट में पहुंचना होता था, जो अब घटकर 25 मिनट हो गया है। उत्तराखंड में 2008 से शुरू 198 सेवा का पिछले साल तक ईएमआरआई ने संचालन किया था। एक साल पूर्व इस सेवा का संचालन कैंप (कम्युनिटी एक्शन थ्रू मोटिवेशन प्रोग्राम) के जिम्मे आया। सेवा के जिला कार्यक्रम अधिकारी भास्कर शर्मा ने बताया कि चंपावत जिले की पांच एंबुलेंस (चंपावत, लोहाघाट, पाटी, रीठासाहिब व टनकपुर) के जरिए एक साल में 108 सेवा ने 2428 आपातकालीन मामलों में लोगों को पहुंचाई। सबसे ज्यादा 921 मामले प्रसव से संबंधित हैं। 13 प्रसव भी कराए गए। हार्टअटैक के 78, सड़क दुर्घटना के 110 मामले आए। लॉकडाउन के दौरान 22 मार्च से 30 अप्रैल तक 108 सेवा ने 169 प्रसव सहित कुल आपातकालीन मामलों में सेवा दी। एंबुलेंस में एक सुरक्षित प्रसव भी करवाया गया। सीएमओ डाक्टर आरपी खंडूरी ने बताया कि 108 एंबुलेंस से जिले की स्वास्थ्य सेवा में मददगार है।
१०८ एंबुलेंस में जन्मा शिशु। (फाइल फोटो)
- फोटो : AMAR UJALA
१०८ एंबुलेंस में जन्मा शिशु। (फाइल फोटो)