नगर का ठाड़ाढुंगा वार्ड बेहद घनी आबादी वाला क्षेत्र है लेकिन यहां बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। इस क्षेत्र में एक अदद सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय तक नहीं है। इसके चलते वार्ड में रहने वाले बाहरी लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
ठाड़ाढुंगा वार्ड में प्रतिदिन सफाई कार्य नहीं होता है। एक सप्ताह में एक बार ही सफाई होती है। कई स्थानों में पक्की नालियों का निर्माण भी नहीं हो सका है। पेयजल किल्लत लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है।
कुछ स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें न होने से रात को आवाजाही में समस्या झेलनी पड़ रही है। कई नालियों के ऊपर पटाल न होने से उससे निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को दिक्कतें होती हैं। उपलब्धि के नाम पर कुछ संपर्क मार्ग जरूर बने हैं। जबकि कई निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
नाली की कमी से रोड पर बहता है गंदा पानी
रेखा देवी का कहना है कि जीजीआईसी गेट से लेकर शिशु मंदिर तक सड़क किनारे नाली नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता है। नगर पंचायत से इस स्थान पर नाली निर्माण की मांग की जाती रही है लेकिन अभी तक इस मांग पर किसी ने गौर नहीं किया।
सार्वजनिक शौचालय व मूत्रालय बने
पाद सिंह मेहता का कहना है कि वार्ड में एक भी सार्वजनिक शौचालय व मूत्रालय नहीं हैं। इससे तल्ली ठाड़ाढुंगा में रहने वाले मजदूर और मिस्त्री को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। लोग नदी किनारे या जंगलों में शौच को मजबूर हैं।
सफाई करने नहीं आते पर्यावरण मित्र
जमुना देवी का कहना है कि वार्ड में दस दिन में एक बार पर्यावरण मित्र सफाई करने के लिए आते हैं। इससे वार्ड में गंदगी बनी रहती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका है।
सीसी मार्ग व पटाल का काम हुआ : सभासद
सभासद मीना ढेक का कहना है कि कचहरी गेट से लेकर ठाड़ाढुंगा तक सीसी मार्ग का निर्माण हो चुका है। मुख्य नाले के ऊपर पटाल लगाए गए हैं। तीन स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगाने की जरूरत है। जल्द ही ये काम करा लिए जाएंगे। इसके अलावा कई अन्य विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।