मां पूर्णागिरि मेले में रविवार का अवकाश होने से दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूसरे दिन करीब पचास हजार श्रद्धालुओं ने देवी मां के दरबार में मत्था टेककर मन्नतें मांगी। मेले के दो दिनों में करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इधर, रात आठ बजे बाद पूर्णागिरि मार्ग पर यातायात पर प्रतिबंध होने से श्रद्धालुओं को खासी परेशानी उठानी पड़ी। होटलों एवं धर्मशालाओं के ठहरने को जगह नहीं मिलने से कई श्रद्धालुओं को फुटपाथ पर रात काटने को मजबूर होना पड़ा।
शनिवार से शुरू हुए मेले में चौबीस घंटे श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी है। मेला प्रशासन के मुताबिक दूसरे दिन भी चौबीस घंटे में पचास हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन किए। शनिवार की देर शाम भीड़ अधिक होने से श्रद्धालुओं को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। ऊपर से प्रशासन ने रात आठ बजे बाद पूर्णागिरि मार्ग पर यातायात रोक दिया। इससे होटलों और भोजन व्यवसायियों की तो बल्ले बल्ले हुई, लेकिन श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ी। यातायात रोकने से शहर में भीड़ का आलम यह रहा कि किसी होटल या धर्मशाला में श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए कमरे तक नहीं मिले। वह पूरी रात होटलों एवं धर्मशालाओं के चक्कर काटते रहे। कई श्रद्धालुओं को मजबूरन फुटपाथ पर रात बितानी पड़ी। सुबह चार बजे जब यातायात खुला तो श्रद्धालु अपने निजी एवं टैक्सी वाहनों से पूर्णागिरि की ओर रवाना हुए।
परेशानी होने पर बरती जाएगी शिथिलता : मेला मजिस्ट्रेट
टनकपुर। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि सुरक्षागत कारणों से पूर्णागिरि मार्ग पर रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक यातायात पर प्रतिबंध लगाया गया है। फिलहाल इस व्यवस्था को परखा जा रहा है, यदि श्रद्धालुओं को परेशानी होती है तो उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर व्यवस्था में शिथिलता बरती जा सकती है।
नहीं पहुंचा बाहरी जिलों से फोर्स, सुरक्षा लचर
टनकपुर। पूर्णागिरि मेले के लिए बाहरी जिलों से मंगाया गया फोर्स न पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है। श्रद्धालुओं की भीड़ एवं यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी रही है। सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि फिलहाल मेला क्षेत्र में जिले का ही फोर्स तैनात है। अलबत्ता बाहरी जिलों से भी फोर्स पहुंचना शुरू हो गया है। जैसे-जैसे फोर्स पहुंच रहा है, उसे मेले की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेले के लिए पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर जिले से फोर्स मांगा गया है। अब तक बम निरोधक दस्ता, पीएसी, आधा दर्जन उप निरीक्षकों एवं कांस्टेबलों की आमद हो चुकी है।
काली मंदिर क्षेत्र में नहीं लगा चिकित्सा शिविर
टनकपुर। मेला शुरू होने के दो दिन बाद भी चिकित्सा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है। ठुलीगाड़ में तो मेले के पहले दिन से ही एलोपैथिक चिकित्सा शिविर लग गया था, लेकिन काली मंदिर क्षेत्र में अब भी शिविर नहीं लग पाया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएच ह्यांकी का कहना है कि चिकित्सा शिविरों के लिए डॉक्टर एवं स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। सोमवार से काली मंदिर में भी चिकित्सा शिविर शुरू हो जाएगा।