टनकपुर। रोडवेज डिपो टनकपुर वर्तमान में पिथौरागढ़ जिले के पहाड़ रूट पर चार बसों का संचालन कर रहा है। चारों बस पुरानी हो चुकी हैं। एजीएम सुरेश चंद्र पांडेय ने बताया कि टनकपुर से धारचूला, बेड़ीनाग रूट पर दो-दो बसों का संचालन किया जा रहा है। हादसे वाली बस धारचूला रूट पर संचालित थी, यह बस आठ लाख किमी चल चुकी है। अधिकतम नौ लाख किमी तक बस का संचालन किया जाता है। एजीएम सुरेश ने एआरएम पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो रविशेखर कापड़ी, लोहाघाट एजीएम धीरज वर्मा के साथ मौके पर जाकर मौका मुआयना किया। इधर, परिचालक किशन बहादुर और यात्रियों के अनुसार या तो बस का स्टेयरिंग या ब्रेक फेल हुआ था जिस कारण यह हादसा हो गया।
प्याज लेकर मैदान की तरफ जाने वाला था मृतक चालक
चंपावत। मृतक चालक बेनीराम मैदान की तरफ प्याज लेकर जाने वाले थे। उन्होंने अपने गांव बडोली से बुधवार को प्याज का कट्टा मंगाया था। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर कट्टे को स्वाला में व्यापारी जगदीश चंद्र भट्ट के प्रतिष्ठान पर रखा था। बेनीराम अक्सर अपना सामान जगदीश चंद्र की दुकान पर रखते थे। यहां से उनका गांव करीब छह किमी दूर है। स्वाला क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सरल स्वभाव के बेनीराम की मौत से वे लोग सकते में हैं। मृतक चालक का सैन्यकर्मी बेटा सिक्किम में तैनात हैं। वहां मौसम खराब होने के कारण वह अभी वहां से नहीं आ सका है। उनके पांच जून तक पहुंचने की संभावना है।