बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत विद्युत, सिंचाई विभाग और पालिका के काम में सुस्ताई को जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने गंभीरता से लिया है। समीक्षा बैठक में उन्होंने इन विभागों को काम में तेजी नहीं लाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। पालिका की मलिन बस्ती आवास निर्माण में हो रही देरी पर कार्रवाई के ईओ को निर्देश दिए गए। दो साल पूर्व योजना के तहत 73 मकान पूरे हो जाने थे लेकिन अभी तक 40 मकान भी तैयार नहीं हो सके हैं।
डीएम ने 49.61 करोड़ की जिला योजना के उपयोग में तेजी लाने को कहा। सीडीओ श्याम सुंदर पांगती ने रिलीज हुई रकम से तय समय पर गुणवत्ता से विकास कार्यों की मानिटरिंग के लिए हर सप्ताह शनिवार को समीक्षा करने की बात कही। लघु उद्योग के लिए 105 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 35 उद्योग ही लगाए जा सके हैं। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन कार्डों के डिजिटाइजेशन रिकार्ड को अपडेट करने, आवास योजनाओं और स्वच्छ भारत के तहत शौचालयविहीन परिवारों में तेजी से शौचालय बनाने की हिदायत दी गई।
बैठक में बीसूका की उपाध्यक्ष निर्मला गहतोड़ी, पीडी केएन तिवारी, डीडीओ वीके उपाध्याय, सीएमओ प्रवीण कुमार, सीवीओ पीएस भंडारी, डीएचओ एचसी तिवारी, लोनिवि ईई बीसी पंत, डीपीआरओ सुरेश बेनी, ईओ अभिनव कुमार आदि मौजूद थे।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का खतरा
पूल्ड आवास में सरकारी भूमि में अतिक्रमण के खतरे के मद्देनजर ठोस कदम उठाने को कहा। डीएम ने पूल्ड आवास क्षेत्र को अतिक्रमण से बचाने के लिए चहारदीवारी करने के लोनिवि को निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में गैर हाजिर रहे दो विभागों के अभियंताओं से स्पष्टीकरण देने और वेतन रोकने के भी आदेश दिए गए।