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विरान पुस्तैनी गांव कोटकेंद्री को गुलजार करने में जुटे पूर्णागिरि धाम के युवा पुजारी

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कोटकेंद्री को खुशहाल बनाने की मुहिम के बाद की स्थिति। - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। कोरोना संकट में घर लौटे प्रवासी बेरोजगार युवाओं के साथ ही मां पूर्णागिरि धाम के युवा पुजारी भी अपने ही घर में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के प्रयास में जुटे हैं। पुस्तैनी गांव खर्राटाक की बंजर भूमि को आबाद करने के बाद युवा पुजारियों ने अब दूसरे पुस्तैनी गांव कोटकेंद्री को भी आबाद करने का बीड़ा उठाया है। वह कोटकेंद्री में खंडहर बन चुके अपने वीरान घरों को ठीक करने में जुट गए हैं।
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रोजगार की खातिर पलायन कर चुके पहाड़ के युवा कोरोना की वैश्विक महामारी में रोजगार छोड़ घर लौटने को विवश हुए हैं। इनमें से कुछ प्रवासी युवाओं ने घर पर ही स्वरोजगार शुरू कर लिया है। कुछ स्वरोजगार की बुनियाद खड़ी करने में जुटे हैं। कोरोना की मार का असर मां पूर्णागिरि धाम के पुजारियों के रोजगार पर भी पड़ा है। इससे युवा पुजारियों ने भी स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाने शुरू किए हैं। कोरोना काल में पहले उन्होंने नेपाल सीमा से लगे अपने पुस्तैनी गांव खर्राटाक गांव में तीन सौ नाली जमीन पर अदरक की लगाई है। अब दूसरे वीरान पड़े पुस्तैनी गांव कोटकेंद्री को गुलजार करने में जुट गए हैं।
खेती, मौन पालन जैसे व्यवसाय से स्वरोजगार की है योजना
कोटकेंद्री को आबाद करने की मुहिम में लगे मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, भैरव पांडेय, लालमणी पांडेय, सुभाष पांडेय, नरेश पांडेय, शेखर पांडेय, हरीश पांडेय का कहना है कि उनके पुस्तैनी गांव कोटकेंद्री में 70 घर विरान पड़े हैं और खेत बंजर। उनका मकसद गांव में स्वरोजगार की संभावनाओं पर काम करना है। गांव की करीब एक हजार नाली बंजर भूमि पर फलों के बगीचे, मड़वा, अदरक, गहत, भट्ट, गडेरी आदि फसलों की खेती के साथ ही मौन पालन पशुुपालन जैसे स्वरोजगार को अपनाने की योजना है।
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कोटकेंद्री को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग
कोटकेंद्री को आबाद करने में जुटे युवा पुजारियों का कहना है कि सड़क सुविधा का अभाव उनकी मुहिम में एक बड़ी बाधा बन सकती है। श्यामलाताल से पोथ तक सड़क पहुंच गई हैं, लेकिन पोथ से करीब तीन किमी आगे तक सड़क बन जाए तो कोटकेंद्री विकास की मुख्य धारा से जुड़ जाएगा। इससे उनकी स्वरोजगार की योजना भी परवान चढ़ेगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी से कोटकेंद्री को सड़क सुविधा से जोड़ने का आग्रह किया है। जिस पर उनके द्वारा आश्वासन दिया गया है।

कोटकेंद्री को खुशहाल बनाने की मुहिम से पहले की स्थिति।- फोटो : TANAKPUR

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