सूखे की मार से परेशान काश्तकारों और लोगों के लिए खुशखबरी। गुजरात के राजकोट निवासी मोहन भाई के एक आविष्कार के कारण अब सूखे और अवर्षण की स्थिति में भी किसानों की खेती नहीं मुरझाएगी। मोहन भाई की ओर से बनाई गई ‘मेघराज मशीन’ के माध्यम से प्राकृतिक बादल तैयार कर मनचाहे स्थान में बरसात कराई जा सकती है। उनका दावा है कि ‘मेघराज मशीन’ से रेज (किरण) फैलाकर करीब 15 किलोमीटर के दायरे में जितना चाहे झमाझम बरसात कराई जा सकती है। अब तक गुजरात, कच्छ और सूरत आदि स्थानों में इस मशीन का सफल प्रयोग किया जा चुका है।
मोहन भाई का दावा है कि बिजली से चलने वाली मेघराज मशीन से एक तरफ काश्तकारों को लाभ होता है, वहीं इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुुंचता है। यह मशीन वातावरण में हाईड्रोजन और आक्सीजन के आयनों को एकत्र कर दो से तीन दिनों के अंदर प्राकृतिक बादल बनाकर बरसात कराने में सक्षम है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के चंपावत जिले में पहली बार मशीन का प्रायोगिक परीक्षण किया जा रहा है। इस प्रयोग में गुजरात के पीएस बधानी उनके सहयोगी हैं।