चंपावत में आयुष्मान योजना के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेते जिलाधिकारी।
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आयुष्मान योजना के सभी 9829 गोल्डन कार्डों को हर हाल में 31 दिसंबर तक बनाना होगा। रविवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग को गोल्डन कार्ड बनाने की सुस्त गति पर लताड़ लगाई। अब तक जिले में महज 746 कार्ड ही बन सके हैं। डीएम स्वयं हर रविवार को आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करेंगे।
काम में तेजी लाने के लिए तीन अस्पतालों के अलावा पाटी और बाराकोट अस्पताल तथा जिले के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) व स्वान केंद्रों में भी ये कार्ड बनाए जाएंगे।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी ने बताया कि जिले में इस वक्त सिर्फ तीन अस्पताल चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर के अस्पताल में ही गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
अलबत्ता नई व्यवस्था के बाद अब गोल्डन कार्ड बनाने के लिए चंपावत में चार और टनकपुर, बाराकोट, लोहाघाट और पाटी में दो-दो केंद्र हो जाएंगे। इस काम में आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स की मदद ली जाएगी। एक दिन में एक मशीन से अधिकतम 24 कार्ड बनाए जा सकेंगे। बैठक में आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक मनोज पांडेय, आरोग्य मित्र कमल जोशी, जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ.एचएस ऐरी, पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.आभाष सिंह आदि मौजूद थे।
मिलेगा पांच लाख तक का निशुल्क स्वास्थ्य बीमा
चंपावत जिले के कुल 9829 परिवार आयुष्मान योजना के बीमा के लाभ के दायरे में आते हैं। इसमें चंपावत विकासखंड में 4526, लोहाघाट में 2255, बाराकोट में 1178 और पाटी में 1870 परिवार हैं। प्रत्येक चयनित परिवार को पांच लाख रुपये तक का सालाना स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। इसके लिए जिले में आयुष्मान योजना के तहत चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और टनकपुर संयुक्त अस्पताल अधिकृत हैं।