चंपावत। जिले में आलू का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब किसानों को आलू का बीज 50 फीसदी अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यान विभाग की ओर से मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत इस साल जिले के किसानों को अनुदान पर आलू का बीज मुहैया कराने का निर्णय लिया गया है। अब तक किसानों को उद्यान विभाग से आलू बीज क्रय करने पर पूरा दाम देना पड़ता था, जिस कारण अधिकतर किसान उद्यान विभाग के बजाय खुले बाजार से आलू का बीज खरीदते थे।
मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत अब किसानों को आलू के अलावा अदरक बीज के साथ ही सेब और अखरोट के पौधों की खरीद पर भी किसानों को 50 फीसदी का अनुदान दिया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से पहली बार आलू बीज की खरीद में किसानों को सब्सिडी (अनुदान) देने का प्रावधान किया जा रहा है। जिससे किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसानों की आमदनी दोगुनी करने के उद्देश्य से एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले सभी प्रकार के बीजों पर 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। जिससे किसानों को कम मूल्य में प्रमाणिक बीज उपलब्ध हो सकेंगे।
शीतकाल में होता है कुफरी ज्योति प्रजाति का आलू बीज
चंपावत। जिले के पर्वतीय क्षेत्र में कुफरी ज्योति प्रजाति के आलू बीज लगाया जाता है। यह यहां के किसानों के लिए शीतकालीन खेती का प्रमुख जरिया है। गर्मी के मौसम के समय में यहां अदरक की खेती की जाती है। चंपावत जिले की जमीन आलू और अदरक की खेती के लिए बहुत उपयोगी है। विभाग की ओर से कुफरी ज्योति प्रजाति के आलू बीज मुनस्यारी फार्म से मंगाया जाता है। जबकि अदरक का बीज काशीपुर, जसपुर आदि स्थानों से मंगाया जाता है। संवाद
मौसमी फलों के विपणन के लिए बनेगी कार्ययोजना
चंपावत। जिला उद्यान अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में जिले में उत्पादित होने वाले मौसमी फलों के विपणन के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अभी चंपावत जिले में छह हेक्टेयर भूमि पर अखरोट और पांच हेक्टेयर भूमि पर आडूृ की खेती कि जा रही है। जल्द ही मौसमी फलों के क्षेत्रफल को और विस्तारित किया जाएगा। संवाद