एक माह भी नहीं टिकी तीन करोड़ की सड़क
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सूखीढांग-श्यामलाताल रोड की दशा ने एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2.98 करोड़ की लागत से बनी यह सड़क डामरीकरण की घटिया गुणवत्ता के कारण एक माह भी नहीं टिक पाई है। जगह-जगह डामर उखड़ने से सड़क का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मरम्मत कर सड़क को जल्द दुरुस्त करने की मांग उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्षेत्र के पर्यटन स्थल श्यामलाताल की सड़क सालों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी। ग्रामीणों द्वारा समय-समय पर सड़क के जीर्णोद्धार की मांग किए जाने पर शासन ने 5 किमी लंबी इस सड़क के जीर्णोद्धार का कार्य एडीबी को सौंपते हुए 2.98 करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया।
कार्यदायी विभाग ने गत जून में सड़क में डामरीकरण किया, लेकिन यह डामरीकरण एक माह भी नहीं टिक पाया। जौल की प्रधान भागीरथी तिवारी ने बताया कि विभाग के इंजीनियरों को कई बार सड़क की दशा के बारे में सूचित किया जा चुका है, सड़क देखने अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। सिलाड़ की ग्राम प्रधान पूजा देवी, श्यामलाताल की प्रधान रज्जू देवी, समाजसेवी केएन तिवारी, प्रेम सिंह, जगदीश प्रसाद, युवक मंगल दल अध्यक्ष नरेंद्र जोशी, युवक मंगल दल अध्यक्ष श्यामलाताल विनोद नैथानी आदि का कहना है कि निर्माण की जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई व सड़क की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो वे आंदोलन को विवश होंगे।