नगर पंचायत क्षेत्र के तहत कूड़ा निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। शहर के सभी सात वार्डों में कुल 19 सामान्य कूड़ेदान बने हुए हैं। इनमें शहर का जैविक व अजैविक दोनों प्रकार का कूड़ा डाला जाता है। नगर पंचायत के सामने सबसे बड़ी दिक्कत कूड़ा निस्तारण की है।
नगर पंचायत द्वारा मेलाखाल स्थान में बनाया जा रहा टंचिंग ग्राउंड का काम भी बजट की कमी से लटका पड़ा है। आधे-अधूरे टंचिंग ग्राउंड में पंचायत कूड़े का निस्तारण कर रही है। शासन ने टंचिंग ग्राउंड के निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस स्थान में करीब 18 लाख रुपये की लागत से दीवार, समतलीकरण और पहुंच मार्ग बनाने में खर्च किए जा चुके हैं।
बजट के अभाव में काम लटका पड़ा है। नगर पंचायत ने इसकी डिटेल्ड प्रोग्रेस रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी है। नगर पंचायत के अंतर्गत सात वार्डों में 19 सामान्य कूड़ेदान बने हैं, जिनमें नगर क्षेत्र का सारा जैविक और अजैविक कूड़ा डाला जाता है। शहर की वीवीआईपी डाक बंगला रोड पर बना कूड़ादान जर्जर हाल में हैं।
इनमें लोगों द्वारा डाला गया कूड़ा बंदर, आवारा पशुओं द्वारा सड़क में फैलाया जाता है, जबकि यहां से लेकर पंचेश्वर टैक्सी स्टेंड, स्टेशन बाजार से गांधी चौक, गांधी चौक से हथरंगिया, शीतला माता में एलआईसी के आसपास एक भी कूड़ादान नहीं हैं।
चंदखाल में बनेगा टंचिंग ग्राउंड
नगर पंचायत द्वारा कई वर्षों तक शहर का कूड़े पहले शंखपाल नामक स्थान में डाला जाता था। ग्रामीणों के विवाद के चलते पंचायत को कूड़ा स्थल बदलना पड़ा। नगर पंचायत द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए चंदखाल में 0.4 हेक्टेयर भूमि 30 वर्षों के लिए लीज में ली गई है।
कुछ समय तक यहां कूड़ा डालने के बाद चांदमारी, राईकोट, कलीगांव के लोगों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि कूड़े से रिसने वाली गंदगी से नीचे गधेरे में बनी उनके गांवों की पेयजल योजना का स्रोत दूषित हो रहा है। धनाभाव के कारण टंचिंग ग्राउंड का कार्य लटका पड़ा है।
शहर में हर रोज करीब 3.5 टन कूड़े का निस्तारण किया जाता है। कूड़े के निस्तारण के लिए दो बड़े वाहन और एक पिकअप की व्यवस्था की गई है। पिकअप द्वारा लोगों के घर-घर जाकर कूड़े इकट्ठा किया जाता है।
अभिनव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत, लोहाघाट।