टीजे मोटर मार्ग में चूका के पास प्रस्तावित पुल के हाल।
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे भारतीय हिस्से में निर्माणाधीन टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) मोटर मार्ग की रफ्तार पर ग्रहण लगा है, लेकिन सियासत के मैदान में इसकी खूब चर्चा है। 23 सितंबर को हुए विधानसभा के एक दिनी सत्र में लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के अलावा डीडीहाट के विधायक बिशन सिंह चुफाल ने भी इस सड़क की समस्या को उठाया था। पर सड़क के साथ ही यहां पुल का काम भी तीन साल से अटका है।
टीजे मोटर मार्ग पर दूसरे पैकेज (चूका से रूपालीगाड़) का काम विवाद की वजह से 25 अगस्त 2017 से बंद है। अलबत्ता शासन की हरी झंडी के बाद जल्द काम शुरू होने के आसार हैं। पर चूका और रूपालीगाड़ को जोड़ने के लिए बनने वाले पुल का काम आगे नहीं बढ़ सका है। चल्थी नदी पर 690 मीटर लंबे इस पुल की तीन साल पूर्व निविदा प्रक्रिया पूरी हुई, लेकिन काम फिर भी लटका रहा। ब्रिडकुल (ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) को करीब 33 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल की जिम्मेदारी दी गई थी। पर छिटपुट सर्वे के अलावा पुल को लेकर कोई काम आज तक नहीं हुआ। ब्रिडकुल के परियोजना प्रबंधक गंभीर सिंह का कहना है कि अनुबंध की शर्तों को लेकर हुए विवाद से पुल का काम शुरू नहीं हो सका। पुल के काम को शीघ्र शुरू कराने के लिए सभी अड़चनों को दूर किया जा रहा है।
कोट.....
चूका से रूपालीगाड़ तक के काम में विभाग की भूमिका संदिग्ध रही। वहीं चूका और रूपालीगाड़ को जोड़ने वाले पुल को बनाने में ब्रिडकुल बेवजह देरी कर रहा है। इस पुल के निर्माण के बिना आगे की रोड का कोई मतलब नहीं है। सीमा की सुरक्षा और ग्रामीणों की सुविधा के मद्देनजर पुल व रोड का गुणवत्ता के साथ जल्द निर्माण जरूरी है।
पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।
बमुश्किल 23 किमी सड़क कटी
चंपावत। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बार्डर आउटपोस्ट तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पांच साल पहले 135 किमी लंबे टीजे मार्ग को मंजूरी दी थी। लेकिन प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र की स्थिति साफ नहीं होने से रोड ठुलीगाड़ से रूपालीगाड़ (42.275 किमी) तक ही मंजूर की गई। लेेकिन 42.275 किमी मार्ग पर से बमुश्किल 23 किमी मार्ग की ही कटिंग अब तक हो सकी है। इसमें 17.875 किमी काम ठुलीगाड़ से चूका तक का है।