पूर्णागिरि मेला शुरू होने के सत्रह दिन बाद भी रेेलवे ने मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया है। सीधी रेल सेवा का लाभ भी टनकपुर से पीलीभीत तक ही मिल रहा है। इस कारण यात्रियों की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में कमी आई है। नवरात्र शुरू होने के बाद भी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन न होने से अब इसके संचालन की उम्मीद कम ही है।
टनकपुर से पीलीभीत के बीच दो साल बाद 23 फरवरी से ब्रॉड गेज सेवा शुरू हुई। तीन मार्च से पूर्णागिरि मेला शुरू हुआ तो कारोबारियों ने अधिक यात्रियों की उम्मीद जताई थी लेकिन यात्रियों की संख्या में कोई खास इजाफा नहीं हुआ। अमूमन स्पेशल ट्रेनों का संचालन नवरात्र के आरंभ तक शुरू कर दिया जाता है लेकिन इस बार अब तक रेलवे ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है। रेलवे सूत्रों के मुुताबिक उनके सर्वे में सामने आया है कि स्पेशल ट्रेनों के लिए पर्याप्त यात्री नहीं हैं। इधर, स्टेशन मास्टर जितेंद्र सिंह का कहना है कि फिलहाल मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन के बारे में कोई विभागीय फैसला नहीं हुआ है। इज्जत नगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि मेला स्पेशल और टनकपुर से बरेली के बीच सीधी रेल सेवा के बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ है।
ब्राडगेज निर्माण के चलते पूर्वी क्षेत्र के यात्री रेल सेवा से वंचित
मैलानी और गोंडा रूट पर बड़ी रेल लाइन निर्माण कार्य के चलते उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं को रेल सेवा का फायदा नहीं मिल पा रहा है। मैलानी-लखनऊ एवं बहराइच-गोंडा के बीच ब्राडगेज का निर्माण कार्य चल रहा है जिसके चलते मां पूर्णागिरि के दर्शन को आने वाले इन क्षेत्रों के यात्रियों को अन्य साधनों से सफर करना पड़ रहा है जिसका मेले की रौनक पर भी असर पड़ रहा है।