तीन हफ्ते से अधिक इंतजार के बाद बुधवार रात को कैश चेस्ट में 22.5 करोड़ रुपए आए पर इस रकम के आने के बावजूद नकदी का संकट दूर नहीं हो पा रहा है। कैश चेस्ट शुक्रवार से इस राशि से अन्य बैंकों को रुपए देगी। वहीं एसबीआई को छोड़ अधिकांश बैंक अब भी 10 हजार रुपए से ज्यादा नहीं दे पा रहे हैं। यूनियन बैंक सहित तीन अन्य एटीएम अब भी काम नहीं कर रहे हैं।
एसबीआई के फील्ड मैनेजर राजीव कुमार ने बताया कि चंपावत को 22.5 करोड़ रुपए की नकदी मिल गई है। इस रकम में दो करोड़ रुपए मूल्य के 500 रुपए (कुल 40 हजार नोट) के नए नोट हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइड लाइन के मुताबिक 500 के नए नोटों को बैंकों के जरिए नहीं दिया जाएगा, बल्कि ये नोट एटीएम में डाले जाएंगे। एसबीआई के प्रबंधक हीरा सिंह पांगती ने बताया कि बृहस्पतिवार को नोटों की गिनती के बाद शुक्रवार से बैंकों को कैश दिया जाएगा। अलबत्ता कैश चेस्ट ने बृहस्पतिवार को 29 लाख रुपए बैंकों को बांटे। लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत ने बताया कि मिली नकदी यहां की जरूरत के हिसाब से नाकाफी है। आरबीआई से और रकम के लिए आग्रह किया जा रहा है।
उधर, श्रीरीठा साहिब के इकलौते बैंक पंजाब एंड सिंध बैंक में भी लंबी लाइन लग रही है। शाखा प्रबंधक केएस भंडारी ने बताया कि बैंक में कैश की उपलब्धता के हिसाब से 2 हजार से 6 हजार रुपए तक दिए जा रहे हैं। बैंक में रकम जमा नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है। जिला सहकारी बैंक एवं ग्रामीण बैंक की शाखाओं में भी 5 हजार रुपए से अधिक नहीं मिल रहे हैं।
बैंक सर्वर में खामी से ढाई घंटा परेशान रहे उपभोक्ता
लोहाघाट (चंपावत)। बृहस्पतिवार को एसबीआई के सर्वर में आई खामी से ग्राहकों को दो घंटे तक परेशानी हुई। अपरान्ह 12.30 बजे बाद बैंक का कामकाज शुरू हो सका। एसबीआई की लोहाघाट शाखा के प्रबंधक डमर सिंह पतियाल ने बताया कि बैंक के सर्वर में खराबी आने से कामकाज प्रभावित रहा। सर्वर की खराबी की जानकारी उनके द्वारा दे दी गई है। शुक्रवार को पिथौरागढ़ से इंजीनियरों की टीम के आने के बाद सर्वर में आई खराबी को दूर किया जाएगा। शाखा प्रबंधक ने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब आठ लाख रुपए का भुगतान किया गया। उपभोक्ताओं को पांच हजार और इमरजेंसी में उपभोक्ताओं को 10 हजार रुपए का भुगतान किया गया। पंजाब नेशनल बैंक, अल्मोड़ा अर्बन बैंक, यूनियन बैंक, ग्रामीण बैंक, नैनीताल बैंकों में भी कैश निकालने और जमा करने वाले लोगों की भीड़ लगी रही। बैंकों द्वारा कैश की उपलब्धता के आधार पर उपभोक्ताओं को भुगतान किया गया। अधिकांश एटीएम में से कैश मिलने से लोगों को राहत मिली।
जानकारी के बगैर खुल गया जनधन खाता
चंपावत। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता रिटायर्ड प्रधानाचार्य डा.बीसी जोशी ने करीब दो साल पहले यहां एक बैंक में सामान्य श्रेणी का खाता खुलवाया, मगर बैंक ने उनकी जानकारी के बगैर पीएम जनधन खाता खोल दिया। इसकी पता रिटायर्ड प्रधानाचार्य जोशी को बृहस्पतिवार को चला। डा.जोशी ने बताया कि वे बृहस्पतिवार को अपने खाते से रुपए निकालने गए, मगर बैंक ने उन्हें धन देने से इनकार कर दिया। बैंक का कहना था कि उनका खाता जनधन योजना के अंतर्गत खुला है और जनधन खाते में फिलहाल एक माह में 10 हजार रुपए से अधिक के भुगतान पर रोक लगी है। डा.जोशी दो हफ्ते पूर्व इतनी रकम निकाल चुके थे। लिहाजा उन्हें यह रकम नहीं मिली।
गांवों में काम नहीं कर रहा मोबाइल एटीएम
चंपावत। बुधवार को केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री ने मोबाइल एटीएम वैन का उद्घाटन किया। बुधवार को पूरे दिन ये एटीएम वैन यहां मोटर स्टेशन पर खड़ी रही, जबकि यहां इस वैन के 500 मीटर की परिधि में 9 एटीएम हैं। बृहस्पतिवार सुबह इस मोबाइल वैन को एसबीआई के शाखा प्रबंधक हीरा सिंह पांगती की अगुवाई में सिप्टी क्षेत्र में ले जाया गया, मगर नेटवर्क की कमी से इस एटीएम से रकम नहीं निकल सकी।