भिंगराड़ा की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को धरने पर बैठे ग्रामीण।
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चंपावत। रीठा साहिब के बाद भिंगराड़ा के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) की खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवा के विरोध में हल्द्वानी के राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक के नेतृत्व में धरना दिया।
वक्ताओं ने कहा कि भिंगराड़ा के अस्पताल में आठ माह से डॉक्टर न होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। वहीं अस्पताल में खून की जांच आदि सुविधाओं की कमी है। आंदोलनकारियों ने जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था में सुधार न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी गई है। धरने में पूर्व जिला पंचायत सदस्य भोला सिंह बोहरा, ग्राम प्रधान गीता भट्ट, विमल जोशी, भोला सिंह बोहरा, दीपक शर्मा, पूर्णानंद शर्मा, भैरव दत्त शर्मा, लक्ष्मण भंडारी, पवन कलौनी, किशोर शर्मा आदि थे। इधर पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी आभाष सिंह ने बताया कि भिंगराड़ा के डॉक्टर पीजी की पढ़ाई के लिए अध्ययन अवकाश पर हैं।
धरने के बावजूद नहीं सुधरी स्वास्थ्य व्यवस्था
रीठा साहिब (चंपावत)। राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक ने सोमवार को रीठा साहिब की स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए धरना दिया था, इसके बावजूद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा में कोई सुधार नहीं हुआ है। गांव के एक व्यक्ति ने मंगलवार को फेसबुक लाइव के जरिये अस्पताल की दुर्दशा को दिखाया। मंगलवार को भी अस्पताल में ओपीडी में अधिकतर लोग इलाज को तरस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि तैनाती होने के बावजूद अमूमन लोगों को डॉक्टरों की सेवा नहीं मिल पा रही है। फार्मासिस्ट दीपा कश्यप ने बताया कि मंगलवार को आठ मरीजों का इलाज किया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आभाष सिंह ने बताया कि उन्हें अभी कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आरोपों की जांच की जाएगी।