सेना के लिए पिकअप में लद कर टनकपुर से पिथौरागढ़ जाते युवा।
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पिथौरागढ़ में चल रही भर्ती के लिए उत्तराखंड एवं यूपी समेत पांच राज्यों से उमड़ी युवाओं की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी।
बाद में एआरटीओ द्वारा स्कूली बसों को अधिग्रहीत कर पिथौरागढ़ भेजने से युवाओं को राहत मिली। साथ ही पुलिस एवं प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। इससे पहले सुबह के समय वाहन नहीं मिलने से युवा काफी परेशान थे।
पिथौरागढ़ में भर्ती के एक दिन पहले से ही बाहरी राज्यों से युवाओं के भारी संख्या में पहुंचने और पिथौरागढ़ के लिए वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था न होने से शहर में तीन दिनों तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बुधवार को तीसरे दिन भी सुबह के वक्त पिथौरागढ़ के लिए पर्याप्त वाहन नहीं होने से न सिर्फ सेना भर्ती के लिए आए युवाओं को बल्कि आम यात्रियों को भी खासी परेशानी हुई।
यात्री माल वाहक वाहनों में भी लदकर पिथौरागढ़ जाने को विवश हुए। निरंकारी मंडल के सत्संग से लौटे पिथौरागढ़ के यात्रियों को घंटों तक वाहनों की प्रतीक्षा करनी पड़ी। वाहन की तलाश में यात्री बस स्टेशन के अलावा पिथौरागढ़ चुंगी चौराहे पर हाइवे में इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन बाद में एआरटीओ द्वारा निजी स्कूल की बसों को अधिग्रहीत कर पिथौरागढ़ भेजने से यात्रियों को राहत मिली। दोपहर बाद भर्ती मेले के लिए आए युवाओं एवं अन्य यात्रियों की भीड़ छंटने लगी थी।