शारदा नदी में अत्यधिक मलबा (गाद) आने से एनएचपीसी और शारदा हेडवर्क्स ने पावर चैनल और नहर की जलापूर्ति बंद कर दी। सफाई के बाद करीब आठ घंटे बाद ही पावर चैनल और नहर में पानी छोड़ा गया। इस दौरान एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप रहा।
पहाड़ पर हुई बारिश के बाद शारदा के पानी में अत्यधिक मलबा आने से पावर चैनल, नहर और पावर हाउस की मशीनों की सुरक्षा के मद्देनजर एनएचपीसी ने पावर चैनल और शारदा हेडवर्क्स ने नहर की जलापूर्ति बंद कर दी। शारदा हेडवर्क्स के बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रात: 9 बजे एनएचपीसी, शारदा हेडवर्क्स ने पावर चैनल और नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया। देर शाम पांच बजे सफाई के बाद नदी में साफ पानी बहने पर पावर चैनल और नहर में पानी सप्लाई की गई।
शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि मलबायुक्त पानी से नहर में सिल्ट जमा होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पावर हाउस की टरबाइनों के ब्लेडों को घिसने से बचाने के लिए पावर चैनल और नहर में गंदा पानी छोड़ा जाना बंद किया जाता है। शनिवार 3 सितंबर को नदी का जलस्तर 51048 क्यूसेक था। इन दिनों एनएचपीसी में 98 तो लोहियाहेड में 22 मेगावाट बिजली बन रही है।