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बोल्डर गिरा, एनएच पर साढ़े सात घंटे आवाजाही ठप

Wed, 21 Feb 2018 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
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राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से धौन में फंसे लोग। - फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर बुधवार को करीब साढ़े सात घंटे तक वाहनों का आवागमन ठप रहा। यहां से करीब 13 किलोमीटर दूर धौन-स्वांला के पास बस्टिया-मझेड़ा में पहाड़ी से बोल्डर सहित काफी मलबा आने से करीब 50 मीटर सड़क मटियामेट हो गई। वहीं, आवाजाही ठप होने से सैकड़ों वाहनों में कई हजार यात्री और लोग फंसे रहे। मार्ग बंद होने से सात बारातों के वाहन भी फंसे रहे।
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टनकपुर से चंपावत आ रहे केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा भी एक घंटे से अधिक वक्त तक जाम में फंसे रहे। काफी मशक्कत के बाद शाम छह बजे राजमार्ग को छोटे वाहनों (कार-जीप) और सात बजे बड़े वाहनोें के लिए खोल दिया गया। बुधवार सुबह करीब 10.45 बजे धौन के पास बस्टिया मझेड़ा में बोल्डर अचानक गिरने से सड़क पर भारी मलबा आ गया। इससे करीब 50 मीटर सड़क बुरी तरह से मटियामेट हो गई।

मार्ग अचानक बंद होने से दिनभर आवाजाही ठप रही। दोनों तरफ वाहनों का दो से तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। टनकपुर और पिथौरागढ़ से आने वाले सैकड़ों वाहनों में कई यात्री सात घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। बच्चे, महिलाओं के अलावा कई फंसे लोगों को चाय-पानी तक के लिए तरसना पड़ा।
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वहीं, जानकारी मिलने पर अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने आपदा राहत, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की टीम को तुरंत मौके के लिए रवाना किया। एनएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला, सहायक अभियंता एनसी पांडेय ने दोनों तरफ से तीन पोकलैंड मशीनें एवं एक जेसीबी को लगाकर मलबा हटवाने का प्रयास किया, मगर पहाड़ी से रुक-रुक कर आ रहे मलबे से सड़क को साफ करने में अड़चनें आई।

शाम करीब छह बजे सड़क के मलबे को हटाया जा सका। इसके बाद छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। शाम सात बजे बाद बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। वाहनों के जाम को हटाने के लिए कोतवाल सलाउद्दीन खान के नेतृत्व में पुलिस बल को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

दो दिन में तब्दील हुई एक दिनी बारात
एनएच के साढ़े सात घंटे बंद होने से आम लोगों को तो परेशानी हुई ही, बारातियों को भी काफी इंतजार करना पड़ा। यहां तक कि एक दिन की बारात दो दिन में तब्दील हो गई। टनकपुर से लोहाघाट, सिन्याड़ी से पाटी, ऊचौलीगोठ से तामली, चल्थी पुल से दियूरी, टनकपुर से पाटी जा रही बारात की गाड़ियां सहित कुल सात बारातों के वाहन इस मार्ग पर सात घंटे तक फंसे रहे। एक बारात में फंसे पंडित ओम प्रकाश का कहना है कि लग्न का वक्त तो निकल गया है और एक दिन की बारात दो दिन की हो गई है। वहीं 22 फरवरी को बेटी के विवाह के लिए परिवार के साथ हल्द्वानी जा रहे शिक्षक शंकर गिरि गोस्वामी, फार्मेसिस्ट विष्णु गिरि गोस्वामी छह घंटे तक धौन में फंसे रहे।

रोडवेज की 25 बसें फंसी
लोहाघाट (चंपावत)। धौन-स्वांला के बीच सड़क पर आए मलबे से रोडवेज की लोहाघाट, पिथौरागढ़ और टनकपुर की 25 बसें फंसी रहीं। बसों के फंसने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रोडवेज के लोहाघाट डिपो के प्रभारी स्टेशन इंचार्ज पूरन राम ने बताया कि अकेले 15 बसें लोहाघाट डिपो की है। चंपावत से नैनीताल जाने वाली मात्र एक बस ही बुुधवार को यहां से जा सकी। इसके अलावा सड़क पर मलबा आने के कारण लोहाघाट की ओर आने वाली नैनीताल, काशीपुर और हल्द्वानी से वाया टनकपुर होते हुए लोहाघाट आने वाली दो बसें फंसी रहीं, जबकि लोहाघाट से हल्द्वानी जाने वाली एक, बरेली के लिए दो, दिल्ली के लिए पांच, देहरादून के लिए दो, पोंटा साहिब और ऋषिकेश को जाने वाली एक-एक बसें फंसी रहीं।

एक माह में दूसरी बार बंद हुआ एनएच
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच एक महीने में दूसरी बार बंद हुआ है। 21 जनवरी की शाम एनएच पर सिन्याड़ी के पास आए मलबे से आवाजाही ठप हुई थी। तब वाहनों का आवागमन पूरे दो दिन बाद 23 जनवरी को खुल सका था।
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