राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला से मलबा हटाती मशीन। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग खोलने की सारी कवायद शनिवार को भी काम नहीं आ सकी। छठे दिन शनिवार को स्वांला मंदिर के पास सड़क पर आए मलबे को हटाने के लिए किए गए प्रयासों को एक बार फिर पहाड़ी से गिर रहे पत्थर, मलबे, बारिश और धुंध ने सफल नहीं होने दिया।
शनिवार को ड्रोन से भी भूस्खलन क्षेत्र का जायजा लिया गया। पहाड़ी पर बड़ी दरार के संकेत नहीं है। वहीं अग्निशमन वाहन से पानी की बौछारों के जरिये मलबे को हटाने की कवायद भी विफल रही। इन सबके चलते चंपावत-टनकपुर के बीच आवाजाही रीठा साहिब-सूखीढांग होकर जारी है।
रोडवेज के लोहाघाट डिपो ने भी देवीधुरा होकर चार मार्गों पर बसों का संचालन किया। वहीं चंपावत जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की चार (अमोड़ी-छतकोट, खटोली मल्ली-वैला, एसएच 29-खटोली मल्ली और बाराकोट-कोठेरा) सड़कें भी बंद हैं।
लगातार दूसरे दिन एडीएम एससी द्विवेदी, डीडीएमओ मनोज पांडेय ने स्वांला पहुंच सड़क पर आए भारी मलबे को जल्द से जल्द हटाने के लिए सभी विकल्पों पर काम करने की एनएच खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए।
ईई एलडी मथेला ने बताया कि बारिश, धुंध और पहाड़ी से मलबा गिरते रहने से शनिवार को चार बार काम रोकना पड़ा। अब भी सड़क पर आया करीब 35 मीटर मलबा हटना है।
सड़क कब तक खुलेगी, इसे लेकर अब प्रशासन भी कोई संभावना व्यक्त करने की स्थिति में नहीं है। टनकपुर और चंपावत के बीच वाहनों की आवाजाही सोमवार से बंद है।