नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश का आईटीआई भवन। संवाद
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश का औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पांच साल बाद फिर से शुरू होगा। अब 195.47 लाख रुपये से बना यह आईटीआई भवन विभाग को हस्तांतरित कर लिया गया है। अब इसे इसी सत्र से संचालित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें एक के बजाय दो ट्रेड संचालित होंगे।
तल्लादेश के मंच गांव में सितंबर 2015 में खुला आईटीआई महज सवा दो साल बाद दिसंबर 2017 में बंद हो गया था। इलेक्ट्रिशियन, मशीनिष्ट, कंप्यूटर ऑफ प्रोग्रामिंग एप्लीकेशन (कोपा) ट्रेड मंजूर थे लेकिन इलेक्ट्रिशियन का सिर्फ एक ट्रेड चला। पांच साल पूर्व आईटीआई में ताला लटकने से यहां के स्टाफ को दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया था। आईटीआई बंद होने से क्षेत्र के युवाओं का अपने गांव के पास रोजगारपरक प्रशिक्षण पाने का सपना टूट गया था लेकिन इस साल के शुरू में आईटीआई को फिर से संचालित करने की इजाजत मिली। अब इस भवन को विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है।
पांच आईटीआई अब भी हैं बंद
चंपावत। जिले के कुल नौ आईटीआई में से केवल टनकपुर, चंपावत, खेतीखान में ही तीन आईटीआई चल रहे हैं। ये तीनों संस्थान नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) श्रेणी के हैं। छह संस्थान स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) श्रेणी के हैं। आधारभूत ढांचे और अन्य संसाधनों की कमी की वजह से वर्ष 2017 से तल्लादेश, बाराकोट, दिगालीचौड़, भिंगराड़ा, बनबसा, रेगड़ू के छह आईटीआई बंद कर दिए गए। तल्लादेश के आईटीआई के फिर से संचालित होने के बाद पांच संस्थान अब भी बंद हैं।
तल्लादेश के आईटीआई को फिर से शुरू करने की अनुमति मिलने के बाद अब व्यावसायिक परिषद की हरी झंडी का इंतजार है। परिषद की इजाजत के बाद यहां इसी सत्र से प्रवेश शुरू किए जाएंगे। अब इस आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन और कोपा ट्रेड संचालित किया जाएगा। - कवींद्र सिंह कन्याल, प्रधानाचार्य, आईटीआई, टनकपुर।