टनकपुर में धनतेरस पर खरीदारी को बाजार पहुंचे लोग। संवाद
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टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में धनतेरस पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। लोगों ने बर्तनों के साथ नई वस्तुओं की खरीद की। दीपावली के लिए कई व्यापारियों ने दुकानें सजाईं। काश्तकारों के हाथों में पैसा न होने से उनकी दीपावली फीकी मानी जा रही है। इस वर्ष अज्ञात बीमारी एवं पांच दिनों की बारिश से काफी फसल खराब होने से किसान परेशान हैं।
टनकपुर बाजार में धनतेरस पर खरीदारों की भीड़ रही। लोगों ने बर्तनों समेत कई वस्तुओं की खरीदारी की। दुकानदार बाजार में पहुंची भीड़ में खरीदारों की संख्या कम होना बता रहे हैं। वे इस बार के कारोबार को उम्मीद से कम बता रहे हैं। उनका कहना है महीने का अंतिम सप्ताह होने, गांव से किसानों का खरीदारी को बाजार न पहुंचने से धनतेरस पर खरीदारी कम होना बताया जा रहा है। धान की फसल की कटाई पूरी न होने, अज्ञात बीमारी एवं पिछले दिनों लगातार पांच दिनों तक हुई बारिश से फसल का नुकसान होने से किसानों का हाथ तंग है।
टनकपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष शाहिद हुसैन ने बताया कि बाजार में इस बार खरीदारों की संख्या पहले से संख्या है। बनबसा के सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी ने बताया कि इस साल पिछले वर्षों की अपेक्षा कम ग्राहक बाजार पहुंचे हैं। नेपाल से भी कम ग्राहक खरीदारी करने पहुंचे। व्यापार मंडल बनबसा के अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी ने बताया कि मिष्ठान विक्रेताओं के यहां बिक्री सामान्य रही। उन्होंने बताया कि इस बार धनतेरस पर बर्तनों की 15 से 20 लाख की बिक्री हुई।
पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने बताया कि इस बार दीपावली पर एक करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि महंगाई, महीने का अंत एवं किसान के हाथों में पैसा न होने का दीपावली पर्व पर बहुत फर्क पड़ा है। कपड़ा व्यवसायियों की बिक्री महज चालीस प्रतिशत रही है।