फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रवासी नेपालियों ने अपने ही वतन के खिलाफ की नारे बाजी

विज्ञापन
बनबसा जगबूड़ा पुल पर अपने ही वतन के खिलाफ नारे बाजी करते प्रवासी नेपाली नागरिक। - फोटो : TANAKPUR
विज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। चंपावत के प्रवेश द्वार जगबूड़ा पुल के निकट दूर दराज विभिन्न भारतीय शहरों से आए नेपाली प्रवासी नागरिकों ने अपने ही मुल्क के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब सात सौ प्रवासी नेपाली नागरिक जगबूड़ा पुल के निकट खुले आकाश में वतन लौटने की प्रतीक्षा में हैं। भारतीय प्रशासन ने उनके खाने पीने की व्यवस्था तो कर दी है। किंतु व्यवस्था नही होने से उन्हें ठहराए जाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। प्रवासी नेपाली नागरिकों की निगरानी करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। उधर भारत नेपाल सीमा सील होने से उन्हें सीमा तक पहुंचाया जाना भी नामुमकिन बना हुआ है।
विज्ञापन

करीब चार दिनों से उत्तराखंड के अलावा विभिन्न भारतीय शहरों से आए प्रवासी नेपाली नागरिक महिला एवं बच्चों समेत नेपाल जाने को बनबसा के प्रवेश द्वार पहुंच हैं। नेपाल प्रशासन द्वारा अपने नागरिकों को अपने ही वतन में प्रवेश नही दिए जाने से इन लोगों को विवशता में खुले आकाश के नीचे दिन रात वतन वापसी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। नेपाल प्रशासन के रुख से नाराज नेपाली नागरिकों ने बृहस्पतिवार को अपने ही वतन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने भारतीय प्रशासन से नेपाल प्रशासन एवं सरकार से वार्ता कर उन्हें वतन भेजने की मांग की। तहसीलदार खुशबू पांडेय ने बताया कि सीमा सील होने से प्रवासी नेपाली नागरिकों को सीमा तक पहुंचाया जाना मुनासिब नहीं है। बताया कि प्रशासन उनके खाने पीने की व्यवस्था कर रहा है। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने कहा कि प्रवासी नेपाली नागरिकों को ठहराने की व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें