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Champawat News: कोयले की गैस से दम घुटने से नेपाली मजदूर की मौत, साथ सोये दो साथी भी हो गए थे बेहोश

Fri, 03 Jan 2025 12:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत

सार

लोहाघाट नगर में किराए पर रह रहे तीन नेपाली मजदूर बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए। कोयले की गैस से तीनों बेहोश हो गए, जिसमें से एक की मौत हो गई है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोहाघाट नगर में किराए पर रह रहे तीन नेपाली मजदूर बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए। कोयले की गैस से तीनों बेहोश हो गए और सुबह दो मजदूरों को होश आया तो उन्होंने व्यापारी नेता को फोन पर सूचना दी। तीसरे को होश नहीं आने पर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

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कोलीढेक मार्ग पर स्थित कमरे में तीन नेपाली मजदूर बुधवार की रात अंगीठी जलाकर सो गए। रात में कोयले की गैस लगने से तीनों बेहोश हो गए। सुबह लक्ष्मण भट्ट (40) निवासी महेंद्रनगर नेपाल बेहोश पड़ा रहा जबकि उसके दोनों साथियों को होश आ गया। दोनों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष जुकरिया को घटना की सूचना दी।

जुकरिया ने बेहोश मजदूर लक्ष्मण भट्ट को उप जिला अस्पताल लोहाघाट पहुंचाया जहां डॉ. विराज राठी और अन्य चिकित्सकों ने करीब तीन घंटे तक उसका उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर जिला अस्पताल चंपावत रेफर कर दिया जहां उपचार के दौरान लक्ष्मण की मौत हो गई। जुकरिया ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है।
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बैतड़ी में भी अंगीठी के धुएं से हुई थी युवक की मौत
झूलाघाट में बीते रविवार को नेपाल स्थित बैतड़ी पाटन निवासी पूनाराम थारू (37) की कोयले की भी अंगीठी के धुएं से दम घुटने से मौत हुई थी। बताया गया कि शिवशक्ति उद्योग में काम करने वाले कैलाली गांव पालिका 6 कैलारी निवासी पूनाराम ने ठंड से बचने को कमरे में अंगीठी जला रखी थी और सोते समय वह अंगीठी को बाहर रखना भूल गया था। 

अंगीठी के धुएं से खून में हो जाती है ऑक्सीजन की कमी
सीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी का कहना है कि कोयला जलाने से कार्बन डाईऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है। रात भर बंद कमरे में अंगीठी जलाने से व्यक्ति के खून में ऑक्सीजन कमी हो जाती है और नींद में ही बेहोशी छा जाती है। इस वजह से वह किसी से कोई मदद भी नहीं मांग पता है और फिर उसकी नींद में ही मौत हो जाती है।

बंद कमरे में न जलाएं अंगीठी या हीटर : डॉ. ह्यांकी
सीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी का कहना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी या रूम हीटर का इस्तेमाल ज्यादा समय तक न करें। कमरे में रोशनदान की व्यवस्था जरूरी है। इस तरह के हादसों से बचाव के लिए लोगों को भी अंगीठी और रूम हीटर के नुकसान के बारे में समझना होगा।

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