फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो नेपाली युवतियों को गलत हाथों में पड़ने से बचाया

Fri, 22 Jul 2016 10:12 PM IST
बनबसा (चंपावत)
विज्ञापन
विज्ञापन
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कर्मियों ने दो नेपाली युवतियों को गलत हाथों में पड़ने से बचा लिया। उन्हें नेपाल पुलिस के माध्यम से महिला उत्थान में लगी नेपाली संस्था माइते के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन


शुक्रवार को बार्डर पर दल-बल के साथ एएचटीयू इंचार्ज एसआई मंजू पांडेय तैनात थीं। इसी बीच नेपाल से आ रही एक बाइक पर बैठी युवती को देख उन्होंने बाइक सवार को रोका। शक होने पर मंजू पांडेय ने जब बाइक चालक से पूछा तो उसने बताया कि नेपाल के महेंद्रनगर स्थित एक होटल स्वामी ने युवती को बनबसा छोड़ने के दो सौ रुपये दिए हैं। 21 वर्षीय युवती ने बताया कि वो वार्ड संख्या 5 बासखर्क सिंधुपाक चौक बागमती अंचल की रहने वाली है। काठमांडू में किसी नेपाली युवक ने उसे खटीमा (भारत) में पेंटिंग का काम दिलाने की बात कही। उसने कहा कि एक अन्य युवती भी उसके साथ आई थी, जिसे महेंद्रनगर के होटल स्वामी ने बनबसा भिजवा दिया था।

जब युवती को साथ लेकर एएचटीयू कर्मी बनबसा पहुंचे तो दूसरी 25 वर्षीय युवती भी उन्हें मिल गई। उसने बताया कि वो विवाहित है, उसका पति सऊदी अरब में काम करता है, कुछ वर्षों से वो घर नहीं आया है। वो ओड़ा नं.7 दोल्खा गाविस भेंटपुर जनकपुर अंचल की रहने वाली है। उसे भी काठमांडू में एक युवक ने बनबसा पहुंचने को कहा था। उसे श्रीलंका में नौकरी दिलाने की बात कही गई थी। उसने बताया कि दो अन्य युवतियां भी नेपाल से बनबसा पहुंची हैं। एएचटीयू कर्मियों ने बनबसा में खड़ी सभी बसों की तलाशी ली, लेकिन वे नहीं मिलीं। एएचटीयू कर्मी नेपाल पुलिस के साथ दोनों युवतियों को लेकर महेंद्रनगर के होटल पहुंचे, लेकिन होटल स्वामी फरार हो चुका था।
विज्ञापन


उक्त दोनों नेपाली युवतियों को माइते संस्था के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस का अनुमान है कि महेंद्र नगर का होटल स्वामी भी युवतियों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का सदस्य हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें