एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारत-नेपाल सीमा पर चरस तस्करी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। टीम ने नेपाल के एक तस्कर को 14 किलोग्राम चरस के साथ दबोचा हैं। आरोपी के पास से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।
बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 14 लाख रुपए आंकी गई है। पकड़ा गया आरोपी इससे पहले भी नेपाल से भारी मात्रा में चरस की खेप भारतीय सीमा पर पहुंचा चुका है। आरोपी से गहन पूछताछ के बाद अब एसटीएफ और पुलिस की टीम इस धंधे में लिप्त दोनों देशों में सक्रिय गिरोह तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। मामले में कुछ असरदार लोगों के लिप्त होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि शनिवार रात मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र से लगी सीमा के रास्ते नेपाल से भारत में बड़ी मात्रा में चरस की खेप लाई जा रही है। इस पर सीओ आरएस रौतेला के नेतृत्व में एसटीएफ और पुलिस टीम ने शनिवार रात से ही तस्करों की धरपकड़ के लिए बार्डर पर जाल बिछाया। बताया गया कि रविवार तड़के पूर्णागिरि मार्ग पर बूम पुलिस चौकी से करीब एक किमी दूर कुछ लोग सामान के साथ ट्यूब के सहारे शारदा पार करते दिखाई दिए।
जैसे ही ये लोग सामान लेकर नदी के इस पार पहुंचे, फोर्स ने घेराबंदी कर तस्करों को दबोचने का प्रयास किया। इसमें एक तस्कर को दबोचने में पुलिस कामयाब रही, जबकि उसके साथी अन्य तस्कर नदी में कूदकर नेपाल की ओर भाग निकले। सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि पकड़े गए आरोपी नेपाल के कंचनपुर जिले के कवाली थाना ब्रह्मदेव निवासी राम सिंह की तलाशी में उसके पास से 14 किलो चरस के अलावा एक 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
इतनी भारी मात्रा में चरस तस्करी का यह मामला लंबे समय बाद पकड़ में आया है, जबकि छिटपुट तस्करी के मामले पकड़ में आते रहे हैं। इस गिरोह के तार दिल्ली एवं अन्य बड़े शहरों तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस टीम में एटीएफ के उप निरीक्षक आशुतोष सिंह, केपी टम्टा, कांस्टेबल वीरेंद्र चौहान, गोविंद सिंह, महेंद्र गिरी, सुरेंद्र कनवाल, किशोर के अलावा कोतवाली के उप निरीक्षक हरी राम, विवेक चंद, कांस्टेबल हरीश कैड़ा, उमेश गिरी एवं किशन जीवन शामिल थे। सीओ ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को 8/20 एनडीपीएस व 25 आर्म्स एक्ट के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।