टनकपुर (चंपावत)। नेपाल सीमा पर जिस भूमि को लेकर विवाद उठा है, उसमें सीडीओ/ प्रमुख जिलाधिकारी नूरहरि खतिवाड़ और सशस्त्र पुलिस के एसपी वीर सिंह साहू की मौजूदगी में नेपाल की ओर से तारबाड़ का काम रविवार को पूरा कर लिया गया है। तारबाड़ करा रही वन समिति के अध्यक्ष हरक बहादुर चंद के मुताबिक तारबाड़ का काम पूरा हो चुका है। सोमवार से पौधरोपण का काम शुरू किया जाएगा।
टनकपुर से नेपाल की ब्रह्मदेव सीमा पर पर नो मैंसलैंड की विवादित भूमि पर नेपाल की ओर से किए गए अतिक्रमण पर भारत के कड़े विरोध के बाद रविवार को वहां के सीमांत कंचनपुर जिले के सीडीओ (प्रमुख जिलाधिकारी) नूरहरि खतिवड़ा और सशस्त्र पुलिस के एसपी वीर सिंह साहू ने विवादित सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
सीमा पार के सूत्रों के मुताबिक सीडीओ की मौजूदगी में ब्रह्मदेव की सिद्धनाथ सामुदायिक वन समिति और वहां के नागरिकों ने तारबाड़ का काम पूरा किया और सीडीओ अपने नागरिकों को भारतीय सीमा की ओर न जाने की हिदायत देकर चले गए। उन्होंने कहा कि नेपाल का कोई नागरिक भारतीय सीमा की ओर न जाए। मामले में जो भी वार्ता होगी नेपाल सशस्त्र पुलिस करेगी।
भारत के आपत्ति जताने पर निरीक्षण को पहुंचे थे नेपाली अधिकारी
टनकपुर। विवादित भूमि पर अतिक्रमण को चंपावत जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी एसएन पांडेय ने प्रदेश के गृह विभाग को रिपोर्ट भेजने के साथ ही नेपाल के अपने समकक्ष सीडीओ (प्रमुख जिलाधिकारी) नूरहरि खतिवड़ा को फोन पर बात कर कड़ा विरोध जताया तो रविवार को वहां के सीडीओ ने सशस्त्र पुलिस के एसपी वीर सिंह साहू के साथ विवादित सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया।
यह है मामला
टनकपुर। भारत-नेपाल सीमा पर टनकपुर के पास सीमा स्तंभ संख्या 811 गायब होने के कारण दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद उस वक्त गरमा गया जब 22 जुलाई को नेपाल की ओर से वहां के ब्रह्मदेव बाजार के उत्तरी छोर पर नो मैंसलैंड की विवादित भूमि पर तारबाड़ के लिए सीमेंट के पिलर गाड़ने शुरू किए गए। दोनों देशों के बीच पहले से तय है कि जब तक सीमा विवाद नहीं सुलझ जाता, तब तक विवादित भूमि पर यथास्थिति बनी रहेगी, लेकिन नेपाल की ओर से विवादित भूमि पर नई तारबाड़ लगाकर घेराबंदी किए जाने से नया विवाद खड़ा हुआ है।
सीमा पर नेपालियों द्वारा पथराव की घटना झूठी
टनकपुर (चंपावत) नेपाल की ओर से विवादित भूमि में अतिक्रमण विवाद के मामले में नेपाली नागरिकों द्वारा एसएसबी पर पथराव या पथराव की साजिश जैसी खबरों का खंडन करते हुए अफवाह बताया है। बता दें कि कुछ भारतीय मीडिया ने एसएसबी जवानों पर नेपाली नागरिकों द्वारा पथराव किए जाने और पथराव की साजिश जैसी खबरे प्रसारित हुई हैं। सीमा पर तैनात एसएसबी के अदिकारियों व खुपिया एजंसियों ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है। (संवाद)
अतिक्रमण हटवाने का आश्वासन देने वाले नेपाल सशस्त्र के एसपी साहूू का तबादला
टनकपुर (चंपावत)। नेपाल सीमा पर अतिक्रमण विवाद मामले में भारतीय अधिकारियों को अतिक्रमण हटवाने का आश्वासन देने वाले नेपाल सशस्त्र पुलिस के एसपी वीर सिंह साहू का स्थानांतरण हो गया है। नेपाल सशस्त्र पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उनका स्थानांतरण रूटीन में हुआ है। एसपी साहू के साथ ही नेपाल देशभर में सशस्त्र पुलिस के 62 एसपी इधर से उधर स्थानांतरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सशस्त्र पुलिस के अधिकारियों की किसी भी तैनाती स्थल में सिर्फ एक साल के लिए ही तैनाती होती है। बता दें कि टनकपुर से लगी ब्रह्मदेव सीमा पर नो मैंसलैंड की विवादित भूमि में नेपाल की ओर से अतिक्रमण के मामले में पिछले दिनों भारतीय अधिकारियों से साथ वार्ता में नेपाल सशस्त्र पुलिस के एसपी वीर सिंह साहू ने आश्वासन दिया था कि वे उच्च अधिकारियों और ब्रह्मदेव के स्थानीय नागरिकों से वार्ता कर विवादित भूमि से अतिक्रमण हटवा देंगे। (संवाद)