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न लाइट, न सोलर बैट्री फिर भी सोलर स्ट्रीट लाइट

Tue, 08 Dec 2015 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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नाम सोलर स्ट्रीट लाइट, मगर यहां न लाइट है, न सोलर प्लेट और नहीं बैट्री, बस बचे है तो खंभे। ये हाल मां पूर्णागिरी धाम मेला क्षेत्र में जगह-जगह है। इस पूरे क्षेत्र में करीब दो दर्जन लाइटों का अता-पता नहीं है। इस कारण इस स्ट्रीट लाइट का उपयोग अंधेरे में चलने वाले श्रद्धालुओं एवं अन्य लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ये लाइटें कौन ले गया, न विभाग को पता और नहीं इसकी देखभाल करने वालों को।
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मां पूर्णागिरी धाम में इस साल अप्रैल में 52 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई, मगर उरेडा द्वारा लगाई गई इन लाइटों में से ज्यादातर न तो उजाला देती हैं और नहीं इनका रखरखाव हो पा रहा है। इन लाइटों में से काफी लाइटों का कोई अता-पता नहीं है। जमरानी में लगी तीन लाइटों में से दो की बैट्री और प्लेट दोनों गायब है। यहां एक व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने चोरी की डर से इसे उतार दिया है। टुन्नास में बदायूं धर्मशाला के पास भी लाइट के नाम पर महज खाली पोल है। भैरव मंदिर में हेम पांडेय ने बताया कि पेड़ कटने से नुकसान न हो, इसलिए इसे निकाल दिया गया है। इसी क्षेत्र में पांच सोलर लाइटों में से चार गायब है। इनमें से कुछ में प्लेट, तो कुछ में बैट्री और कुछ में दोनों ही नहीं है। बताया गया कि एक को बंदर ने तोड़ दिया है।

जिलेभर में लगी है 700 स्ट्रीट लाइट
जिले में 700 से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइटें लग चुकी हैं, इनमें से करीब 200 लाइटें खराब हो चुकी हैं। उरेडा का कहना है कि इन लाइटों को ठीक करने की तैयारी चल रही है।
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मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में कुछ साल पहले 26 और इस वर्ष मार्च-अप्रैल में 52 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी। ये लाइटें पूरी तरह नि:शुल्क थी। इन लाइटों के रखखाव की जिम्मेदारी स्थानीय कमेटी की है। पुरानी लाइटों में से कुछ चोरी हो गई थी, मगर नई लाइटों की यह स्थिति कैसे हुई, इसका पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी। -एमएस जंगपांगी, अभियंता, उरेडा, चंपावत।
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