नवोदय विद्यालय को देहरादून शिफ्ट करने के विरोध में ज्ञापन सौंपते लोग।
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लोहाघाट छमनियां में स्थित राजीव नवोदय विद्यालय को देहरादून शिफ्ट करने की सुगबुगाहट पर लोगों में आक्रोश है। लोगों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नवोदय स्कूल को शिफ्ट नहीं करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल यदि देहरादून शिफ्ट किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
चंपावत सहित प्रदेश के पांच नवोदय विद्यालयों को देहरादून शिफ्ट करने की सुगबुगाहट पर मंगलवार को रमेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें कहा गया कि नवोदय विद्यालय को बंद कर देहरादून शिफ्ट करने से बच्चों को परेशानी होगी। यहां पर पहले से ही राजीव नवोदय का अपना भवन बना हुआ है। ज्ञापन देने वालों में योगेश कुमार, नीरज कालाकोटी, भवान कालाकोटी आदि शामिल थे। इधर प्राचार्य जीआर आर्य का कहना है कि ऐसा कोई आदेश यहां नहीं पहुंचा है।
चार साल से लटका है भवन निर्माण कार्य
लोहाघाट राजीव नवोदय विद्यालय कुछ समय पहले ही अपने भवन में शिफ्ट हो गया था लेकिन अब भी भवन का काम अधूरा है। बजट नहीं मिलने से ये काम 2014 से लटका हुआ है। इस वक्त विद्यालय में 280 छात्र पढ़ रहे हैं। प्राचार्य जीआर आर्य ने बताया कि करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से 14 साल पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य अब भी लटका है। कार्यदाई संस्था उप्र निर्माण निगम को 7.50 करोड़ रुपये ही मिले हैं। इस रकम से आधा अकादमिक भवन, दो हॉस्टल और मैदान का निर्माण ही कराया गया है। अभी आवासीय भवन, कार्यालय, कॉमन हाल, आधा अकादमिक भवन, 250 मीटर सड़क तथा चहारदीवारी का निर्माण होना बाकी है।