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दिन-रात नौलों और हैंडपंपों की दौड़

Fri, 20 May 2016 10:29 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत/लोहाघाट।
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दिन-रात नौलों और हैंडपंपों की दौड़ - फोटो : अमर उजाला
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गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी का संकट ओर गहरा गया है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट, पाटी ब्लाकों में लोग गाढ़, गधेरों, नौलों, धारों का पानी पीने को मजबूर हैं। लोग पानी के लिए रात-दिन नौलों और हैंडपंपों की दौड़ लगा रहे हैं।
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 जिला मुख्यालय के गोरलचौड़, कनलगांव, मादली आदि वार्डों में जल संस्थान  की ओर से पिकअप और टैंकरों के जरिए पेयजल वितरण किया जा रहा है। लोहाघाट के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनी अधिकांश पेयजल योजनाओं के जल स्तर में लगभग 80 फीसदी की कमी आ गई हैं। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को हो रही हैं। लंबी पैदल दूरी तय कर घंटों इंतजार करने के बाद एक बाल्टी पानी ही नसीब हो रहा है। सक्षम लोग वाहनों के जरिए पानी का ढुलान कर रहे हैं, जबकि अन्य लोग पानी के लिए दर दर भटक रहे हैं।

जल संस्थान कहने को तो पिकअप के जरिए पानी बंटवाया जा रहा है, वह भी नाकाफी साबित हो रहा है। पेयजल किल्लत से जूझ रहे गांवों में लोगों को पिकअप के जरिए तीसरे या चौथे दिन दो से चार हजार लीटर पानी बांटा जा रहा है। वितरण की सही व्यवस्था न होने से कई लोगों को पानी भी नसीब नहीं हो रहा हैं। लोहाघाट के पुलहिंडोला, रायनगर चौड़ी, फोर्ती, खूना, सेरीगैर, टूंणा, कलीगांव, पाटन  पाटनी, सुंई, रौतली माहरा, बाराकोट बाजार, पम्दा, नग्नोनी, काकड़, बर्दाखान, पाटी के अधिकांश गांवों में पेयजल की विकट समस्या पैदा हुई है।
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