टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में स्वांला के बंद मार्ग का खाई की तरफ से निर्माण करती क्रे?
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला के पास निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग 23 दिसंबर से हल्के वाहनों के लिए सुचारु हो जाएगा। यह मार्ग 13 दिसंबर से काफी मलबा आने के कारण बंद है। अलबत्ता अब यहां क्रेन के जरिये खाई की ओर से दीवार निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। मौका मुआयना करने के बाद डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि रविवार रात तक इस क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर छोटे वाहनों लायक बना दिया जाएगा। सोमवार सुबह से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। वहीं रोडवेज बसों को भी ट्रांसिपमेंट के जरिये चलाया जाएगा।
22 किमी दूर स्वांला में भारी मलबा आने से 13 दिसंबर सुबह से मार्ग पर आवाजाही ठप है। मलबे के अलावा पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से काम में भी व्यवधान आ रहा था। अलबत्ता शुक्रवार से राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने खाई की ओर से क्रेन के माध्यम से दीवार निर्माण का काम शुरू कर दिया है। एनएच के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि क्रेन के माध्यम से कंप्रेसर मशीन और ड्रिल करने वाली मशीन के जरिए दिन रात काम कराया जा रहा है। स्वांला में क्षतिग्रस्त करीब 150 मीटर के हिस्से को रविवार की शाम तक ठीक करने का दावा किया गया है। वहीं धौन-दियूरी मार्ग से मलबे को हटाकर इसे भी वैकल्पिक रूट के रूप में तैयार किया जा रहा है।
सात दिन बाद एनएच से निकली पहली कार
चंपावत। 13 दिसंबर सुबह 6.30 बजे से बंद बारहमासी मार्ग पर शुक्रवार को पहली बार चंपावत से एक कार पहली बार सीधे टनकपुर पहुंची। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय को टनकपुर दौरे पर जाना था। तय था कि डीएम ट्रांसिपमेंट के जरिये टनकपुर जाएंगे, मगर स्वांला में करीब छह फीट मार्ग बनने से बेहद सावधानी से डीएम की कार पार हो गई। ब्यूरो
रोडवेज को 35 लाख का नुकसान
लोहाघाट। एनएच को बसों सहित बड़े वाहनों के लिए 11 दिसंबर से बंद कर दिया गया था। अब तक रोडवेज के लोहाघाट डिपो को 35 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। स्टेशन प्रभारी बीसी आर्या ने बताया कि शुक्रवार को देहरादून व दिल्ली की दो-दो और हल्द्वानी की एक बस देवीधुरा होते हुए संचालित की गई। जबकि चंपावत से लोहाघाट व हल्द्वानी की एक-एक बस चलाई गई। अलबत्ता मुसाफिर नहीं होने के चलते दिल्ली व नैनीताल बस सेवा नहीं चलाई गई। ब्यूरो