शुक्रवार से हो रही बारिश के चलते शनिवार को टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) चार बार बंद रहा। धौन व अमरूबैंड के समीप आए मलबे से करीब साढ़े चार घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश से जनपद में 14 ग्रामीण मोटर मार्ग भी बंद हो गए हैं।
चंपावत में शनिवार को 31 मिलीमीटर बारिश हुई। जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि मलबा आने से शनिवार को सुबह 8.49 बजे से अपरान्ह 2.20 बजे के दौरान साढ़े चार घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। मलबा आने से धौन में 8.49 बजे से 9.30 बजे तथा अमरुबैंड में 9.15 बजे से 10.11 बजे, 11.15 बजे से 1.20 बजे और 1.45 बजे से अपरान्ह 2.20 बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रहा। जेसीबी के जरिये मलबे को हटाया गया। अलबत्ता रोड बंद होने से सैकड़ों यात्रियों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
पेड़ गिरने से बाल-बाल बची स्कूल बस
लोहाघाट (चंपावत)। भारी बारिश के चलते कई जगहों मकानों, आंगन और दीवारों को नुकसान हुआ है। बारिश से भेड़खान मोहल्ले में बिजली की लाइन में दो बड़े देवदार के पेड़ गिरने से मोहल्ले की विद्युत व्यवस्था काफी देर तक ठप रही। देवदार पेड़ के विद्युत तार में अटकने से एक स्कूल बस उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। बारिश से नाले उफान पर आए हुए हैं। विकास खंड लोहाघाट में बारिश की चपेट में आने चौंडला के मदन राम के मकान की छत, लक्ष्मी देवी के मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। दिगालीचौड़ के अमर सिंह के मकान की छत में मलबा आने से मकान को खतरा बना हुआ है।
चंपावत जिले के बंद 14 ग्रामीण मोटर मार्ग
सौटी-रोकुंवर, सूखीढांग-डांडा-मीडार, रीठा-मीनार, बाराकोट-सिमलखेत, वालिक-गागर, स्याला-पोथ, बंतोली-दियारतोली, तिमलागूंठ-सिल्यूड़ीगूंठ, सलना-कानाकोट, गल्लागांव-देवलीमाफी, कामाज्यूला-भनार-रैघांड़ी, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, गौड़ी-किमतोली व एनएच से खटोली मल्ली मोटर मार्ग।