टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में छह से अधिक जगहों पर मलबा और पत्थर गिरने से मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ का संपर्क पूरी तरह कटा रहा। एनएच में वाहनों की आवाजाही दिनभर बंद रही।
रोडवेज की नौ बस और एसएसबी के छह वाहन समेत 36 से अधिक वाहन फंसे हैं। रविवार को बारिश होने से मलबे को नहीं हटाया जा सका। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने जरूरी होने पर ही आवाजाही करने की अपील की है। वहीं, एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि चंपावत में कोतवाली और टनकपुर में ककरालीगेट के पास सुरक्षा कारणों से वाहनों को रोका गया।
धौन, स्वांला, अमोड़ी के पास छह जगहों पर रविवार सुबह 5:41 बजे से मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग में वाहनों के पहिये थम गए। एनएच खंड और प्रशासन ने मार्ग खुलवाने के प्रयास किए, लेकिन बारिश नहीं थमने और रुक रुक कर पत्थर गिरने से मलबे को हटाने के काम को रोकना पड़ा।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने कहा बारिश और बीच-बीच में मलबा गिरने से एनएच को सुचारु करना कठिन हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोहाघाट के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला ने बताया कि एनएच में टिपनटॉप, अमरूबैंड, सिन्याड़ी, चल्थी, बेलखेत, अमोड़ी, स्वांला, धौन, तिलौन, बाराकोट आदि संवेदनशील क्षेत्रों में 30 से अधिक जेसीबी, पोकलैंड और डोजर खड़े किए गए हैं।
वहीं, लोहाघाट-देवीधुरा मार्ग में केदारनाथ के पास मलबा आने से रविवार सुबह 7:10 बजे से दो घंटे तक आवाजाही प्रभावित रही। इसी तरह धूनाघाट-रीठा साहिब मोटर मार्ग दुर्गानगर के पास सुबह 7:30 बजे से करीब साढ़े पांच घंटे तक बंद रहा। लोनिवि की जेसीबी ने दोनों जगहों पर मलबा हटवाकर आवाजाही सुचारु की।
फंसे यात्रियों से किराया वसूल रहा रोडवेज
चंपावत। एनएच बंद होने पर फंसे यात्रियों से रोडवेज किराया वसूल रहा है। टनकपुर और अन्य मैदानी क्षेत्र को जाने वाली लोहाघाट डिपो की दो बसें धौन तक पहुंची थीं कि मलबा आने से रुक गई। इस बस के मुसाफिरों का धौन से आगे के किराए की रकम तो वापस कर दी गई, लेकिन कैलाश, दीवान राम, अजय कुमार आदि यात्रियों का कहना है कि धौन से वापस चंपावत और लोहाघाट लाने के लिए बस ने किराए की रकम वसूली गई।
इन मुसाफिरों का कहना है कि रोडवेज फंसे लोगों की मदद करने के बजाए किराया वसूल रही है। इधर, रोडवेज के सहायक मंडलीय प्रबंधक राजेंद्र आर्या ने कहा कि नियमों के तहत परिवहन निगम यात्रियों से किराया ले रहा है। कहा कि रोडवेज को जुलाई से अब तक मार्ग बंद होने से 27 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। ब्यूरो
पाटी अस्पताल परिसर की दीवार ढही, मलबा रोड तक पहुंचा
पाटी (देवीधुरा)। भारी बारिश से पाटी के पीएचसी परिसर की दीवार का हिस्सा ढह गया है। दीवार का मलबा पास की सड़क तक जा गिरा, जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल की आवाजाही भी बाधित रही। पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आभाष सिंह ने बताया कि शनिवार रात हुई बारिश से अस्पताल परिसर की 20 फुट दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार ढहने की सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी खंडूरी के अलावा आपदा नियंत्रण विभाग को दे दी है। ब्यूरो
चंपावत जिले में बंद दस मार्ग :
रौंसाल-असलाड़ मोटर मार्ग, धौन-सल्ली, बाराकोट-कोटेरा, धूनाघाट-भिंगराहा-खरही, बाराकोट-सिमलखेत-पड़ासूसेरा, रीठा साहिब-मीडार, तिमलागूंठ-सिलयूड़ीगूंठ, वालिग-गागर, चौमेल-वल्सों और स्याला-पोथ मोटर मार्ग।
बोल्डर गिरने से दुर्गानगर के पास बंद रीठा साहिब-धूनाघाट मोटर मार्ग।- फोटो : CHAMPAWAT