पुलिस प्रशासन के सहयोग से नारकोटिक्स विभाग की टीम लोहाघाट क्षेत्र में भांग की खेती को नष्ट कर रही है
टीम की ओर से गांव-गांव जाकर भांग की फसल को नष्ट करने के साथ लोगों को भविष्य में इसकी खेती न करने की हिदायत दी जा रही है। थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी का कहना है कि भांग की खेती करना कानूनन अपराध है। उनका कहना है कि टीम के साथ पुलिस और क्षेत्रीय पटवारी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
किमतोली, चौड़ी, खेतीखान, बिशुंग आदि क्षेत्रों में जाकर टीम ने भांग की खेती को नष्ट किया है। क्षेत्रीय पटवारी की ओर से भांग की खेती करने वाले लोगों का चिन्हिकरण किया जा रहा है।
एसओ का कहना है कि भांग की खेती प्रतिबंधित है। इस दफा भांग की खेती को नष्ट किया जा रहा है, भविष्य में भांग की खेती करने वाले लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। राजस्व निरीक्षक चंद्रप्रकाश ने बताया कि नारकोटिक्स टीम केंद्र से आई है जिसका मुख्यालय देहरादून है।
बड़े पैमाने पर होती है भांग की खेती
लोहाघाट। चंपावत जिले में भांग की खेती बड़े पैमाने पर होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भांग की खेती में प्रतिबंध के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अब तक वह भांग के तने का उपयोग रस्सी बनाने, जलौनी लकड़ी आदि के रूप में करते आ रहे हैं। जबकि इसके बीज की तासीर गर्म होने की वजह से पर्वतीय क्षेत्रों में लोग शीतकाल में लोग इसका उपयोग सब्जी में डालकर करते हैं तथा चटनी के रूप में इसके दानों का उपयोग किया जाता है।