मां श्री पूर्णागिरि मेले में नवरात्र के बाद बृहस्पतिवार रात फिर श्रद्धालुओं का भारी भीड़ उमड़ी। चौबीस घंटे में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाए। वहीं, निजी वाहनों से श्रद्धालुओं के अधिक संख्या में आने से पूर्णागिरि मार्ग पर ठुलीगाड़ तक रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनी रही।
पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। आलम यह रहा कि ठुलीगाड़ से लेकर बूम तक पार्किंग स्थलों के अलावा सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इस बीच पार्किंग शुल्क डेढ़ सौ से दो सौ रुपये वसूली की शिकायत भी मिली, लेकिन मेला प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।
हालांकि, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष राजेश पांडेय जुटे रहे। इधर, भीड़ बढ़ने से भैरव मंदिर से काली मंदिर तक पानी की समस्या पैदा हुई। धर्मशालाओं में नहाने के लिए श्रद्धालुओं को खासी मशक्कत करनी पड़ी। शहर के शारदा स्नानघाट में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को नेपाल जाने वाले श्रद्धालुओं से टनकपुर, बनबसा सीमा पर खासी रौनक रही।
जांच में शिकायत सही मिली तो कार्रवाई होगी
श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क अधिक वसूलने की शिकायत पर ठेकेदार को नोटिस दिया गया है, इसके बाद भी अधिक शुल्क वसूलने की शिकायत मिल रही है तो इसकी जांच कराई जा रही है, यदि ऐसा पाया गया तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अनिल चन्याल, मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम, मां श्री पूर्णागिरि तहसील टनकपुर।
दर्शन को आए दरोगा के माता-पिता से वसूले चार सौ रुपये
पूर्णागिरि धाम में पार्किंग ठेकेदार द्वारा श्रद्धालुओं से जबरन 24 घंटे की पर्ची थमाकर अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मुख्य मंदिर में तैनात एक उप निरीक्षक के माता-पिता निजी वाहन से दर्शन को आए थे, जिनसे बूम पार्किंग बैरियर पर डेढ़ सौ की जगह चार सौ रुपये वसूले गए। शिकायत पर सीओ आरएस रौतेला ने भी दरोगा के माता-पिता से इस बाबत पूछताछ की। सीओ ने बताया कि मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।