फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहकारी समितियां बनेंगी मल्टी सर्विस सेंटर

Sun, 21 Feb 2016 10:17 PM IST
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला,चंपावत
विज्ञापन
विज्ञापन
कॉमन सर्विस सेंटर की तर्ज पर सहकारिता विभाग की साधन सहकारी समितियां भी मल्टी सर्विस सेंटर (बहु सेवा केंद्र) के रूप में विकसित होंगी। ये समितियां किसानों से जुड़े मूल काम को करने के अलावा अब अन्य तरह की सेवाएं भी उपलब्ध कराएंगी। इसे लेकर सहकारिता विभाग को कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। अप्रैल से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
विज्ञापन


इस वक्त सहकारी समितियां किसानों को कर्ज देने के अलावा खाद वितरण का काम करती है, मगर जल्द ही समितियों के माध्यम से ऑनलाइन बिलों के भुगतान से लेकर टिकट रिजर्वेशन भी होगा। उत्तराखंड सहकारी समितियां के निबंधक विजय कुमार ढौडियाल ने प्रदेश की प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों को बहु सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने संबंधी पत्र जारी किया है। इससे समितियों को आर्थिक मजबूती के साथ ग्रामीण आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए इन समितियों को परंपरागत व्यावसायिक गतिविधियों के अलावा लोगों से संबंधित उपयोगी सेवाओं और नवीन व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

संबंधित क्षेत्र के राजकीय पर्यवेक्षकों को इस संबंध में समिति के सचिव के साथ कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव सहित सहकारी बैंक को उपलब्ध कराने को कहा गया है। तीन लाख रुपये तक की कार्ययोजना को बैंक प्रबंधक अपने स्तर पर निर्णय ले सकेंगे, जबकि तीन से पांच लाख तक की योजना को एडीओ सहकारिता की अध्यक्षता की समिति और पांच लाख से दस लाख तक की कार्ययोजना के प्रस्ताव का वित्तपोषण जिला सहायक निबंधक की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।
विज्ञापन


ये काम कर सकेंगी समितियां
- ई-सेवा केंद्र के रूप में ऑनलाइन बिलों के भुगतान, टिकट आरक्षण, फैक्स, ई-मेल, फोटोस्टेट, मोबाइल रिचार्ज, साइबर कैफे आदि।
- सामान्य-जीवन बीमा की एजेंसी के रूप में काम करना।
- स्वयं सहायता समूह के जरिए सूक्ष्म उद्यमों को स्थापित करना।
- स्थानीय पर्यटन के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करना।
- ग्रामीण आवास के लिए सुरक्षित ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना।
- स्थानीय उत्पादों के संग्रहण, संरक्षण, भंडारण व विपणन के संबंध में विशिष्ट सेवाएं उपलब्ध कराना।
- सामाजिक समारोह के लिए आवश्यक वस्तुओं को किराए पर देना।
- पशु चारे की बिक्री।
- स्थानीय मांग के अनुरूप अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री।

किसानों को दिया है 13.42 करोड़ का कर्ज
जिले की कुल 23 साधन सहकारी समितियों से किसानों को ऋण दिया जाता है। सहकारिता विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन समितियों के 2677 किसानों को 13.42 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया है। खेती से संबंधित कार्य के लिए दिया जाने वाला ये कर्ज महज पांच प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जाता है।

सहकारी समितियों को बहु सेवा केंद्र बनाए जाने के लिए जल्द कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके लिए समितियों को निर्देश दिए जा रहे हैं। अप्रैल से ये योजना धरातल पर उतर जाएगी। इन समितियों के बहु सेवा केंद्र बनने का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को होने के साथ ही समितियों की माली हालत भी बेहतर हो सकेगी। -पीएस राणा, जिला सहायक निबंधक, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें