25 मार्च से मां पूर्णागिरि धाम का मेला शुरू होगा। मेले के श्रीगणेश में सिर्फ 32 दिन बचे हैं, लेकिन अभी व्यवस्थाओं को सुधारने का काम कायदे से शुरू नहीं हो सका है। मां पूर्णागिरि धाम को जाने वाले मोटर मार्ग से लेकर कई पैदल रास्ते बुरे हाल में है। इन्हें ठीक तक नहीं कराया जा सका है।
मां पूर्णागिरि धाम को जाने वाले रानीगाड़ के पास दीवार का एक हिस्सा गिरने से रोड संकरी होने के साथ ही खतरनाक बनी है। इसी तरह पुरानी पानी टंकी, लादीगाड़ सहित कई स्थानों पर पैदल मार्ग के हाल खस्ता हैं। मां पूर्णागिरि धाम मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मेले में कम वक्त बचा है। ऐसे में खराब रास्तों को शीघ्र ठीक कराया जाए।
उधर, मेला आयोजक संस्था जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शेर सिंह परगांई का कहना है कि लोनिवि से इन मार्गों को ठीक करने को कहा गया है। जल्द ही प्रशासन, लोनिवि और जिला पंचायत का संयुक्त मुआयना होगा। दो हफ्ते में सभी व्यवस्थाएं ठीक कर ली जाएंगी।
29 से शुरू होगी नीलामी
मां पूर्णागिरि मेले की व्यवस्थाओं के मद्देनजर नीलामी 29 फरवरी से शुरू होगी। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शेर सिंह परगांई ने बताया कि ये पूरी प्रक्रिया चंपावत जिला पंचायत कार्यालय सभागार में की जाएंगी। 29 फरवरी को मां पूर्णागिरि धाम में पथ प्रकाश व्यवस्था, इंटरकॉम और अस्थायी टिन शेड निर्माण, विद्युत उपकरण आदि की निविदाएं की जाएंगी। ये निविदाएं मुहरबंद होंगी। वहीं, चार मार्च को बाल मुंडन की खुली बोली लगाई जाएगी। ये बोली मेला शुरू होने वाले दिन यानि 25 मार्च से शुरू होकर एक साल तक के लिए होगी।