मां पूर्णागिरि धाम में तीर्थयात्रियों की आवाजाही एक बार फिर बढ़ने लगी है। व्यापारियों और पुजारियों को उम्मीद है कि 13 मई से स्कूलों की छुट्टी के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ेगी। सात मार्च से शुरू हुआ उत्तर भारत का सुविख्यात पूर्णागिरि मेला पांच जून तक चलेगा। जिला पंचायत और प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए पथ प्रकाश, चिकित्सा, सफाई, सुरक्षा, खोया-पाया केंद्र, आदि व्यवस्थाएं स्थापित कर रखी है। मेले के शुरुआती दिनों में जहां भक्तों की भारी उमड़ी, वहीं अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह से यात्रियों की आवाजाही घटने से मेला क्षेत्र की रौनक प्रभावित रही। गेहूं फसल की कटाई और अब स्कूलों की छुट्टियों से यात्री फिर बढ़ने लगे हैं।
पूर्णागिरि क्षेत्र के अलावा शारदा स्नानघाट और नेपाल के सीमांत बाजारों में भी यात्रियों की चहल-पहल दिखने लगी है। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी और पूर्णागिरि व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि सरकारी मेला अवधि में तीर्थयात्रियों की आवाजाही का ग्राफ हर साल बढ़ता-घटता रहता है। अब मेला समाप्ति तक धाम में दर्शनार्थियों की भीड़ बनी रहेगी।