फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां पूर्णागिरि धाम मेला : एक रात के उजाले में खर्च हो रहे 45 हजार रुपये

Wed, 13 Feb 2019 11:25 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
विज्ञापन
मां पूर्णागिरि देवी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 आस्था के केंद्र मां पूर्णागिरि धाम में साढ़े तीन माह की मेला अवधि में दस लाख से अधिक श्रद्धालु मां के दर्शन करते हैं। अभी तक इस मेला अवधि में रात को रोशनी करने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। इस बार 23 मार्च से 15 जून तक चलने वाले सरकारी मेला अवधि में भी बिजली की व्यवस्था ठेके पर होगी। इस व्यवस्था पर कुल खर्च का सबसे ज्यादा हिस्सा खर्च हो रहा है। 
विज्ञापन


पिछले साल सरकारी मेले की 105 दिनों की अवधि में एक रात को रोशन करने में औसतन 45516 रुपये खर्च हुए हैं। जबकि 2011 में बिजली पर महज 23.20 लाख रुपये खर्च हुए। धाम में बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए ठुलीगाड़ से मुख्य मंदिर तक कुछ वर्ष पूर्व 68 लाख रुपये से विद्युतीकरण कराया। इसके तहत जंगल से घिरे इस धाम में लाइन बिछाने के अलावा ट्रांसफार्मर भी लगाए गए। मेला अवधि में हर समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मेला आयोजक संस्था जिला पंचायत मेले की सरकारी अवधि में ठेका देती है लेकिन विद्युतीकृत होने से पूर्व और बाद की अवधि में ठेके की रकम में कमी नहीं आई। 2018 में 105 दिन के सरकारी मेला अवधि में 4779212 रुपये खर्च हुए हैं। 2011 से अब तक आठ सरकारी मेले में 3.81 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं।

जिला पंचायत का कहना है कि मेला क्षेत्र के रास्तों को जगमगाने के लिए बिजली का ठेका दिया जाता है। ठेकेदार द्वारा जनरेटर के जरिए हर वक्त रोशनी की व्यवस्था की जाती है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि पूर्णागिरि क्षेत्र में सामान्य समय में बिजली की आपूर्ति सुचारु रहती है लेकिन मेला अवधि में बिजली की अधिक खपत और हर समय उजाले के लिए जनरेटर जरूरी है। 
विज्ञापन


जिलाधिकारी रणवीर चौहान का कहना है कि  मेले के दौरान बिजली की व्यवस्था होने वाले खर्च को रोकने के लिए चरणबद्ध तरीके से विद्युतीकरण के लिए कदम उठाए जाएंगे। विशेष कार्याधिकारी भगवत पाटनी का कहना है कि मां पूर्णागिरि धाम मेला क्षेत्र में बिजली के स्थायी प्रबंध करने के जिला प्रशासन ने आदेश दिए हैं। स्थायी व्यवस्था कराने में कुछ वर्ष लगेंगे। इस बार की मेला अवधि की बिजली आपूर्ति के लिए ठेका कराया जाना जरूरी है। 
विज्ञापन



पूर्णागिरि धाम में सरकारी मेला अवधि में बिजली व्यवस्था पर होने वाला व्यय
 वर्ष     मेलावधि (दिनों में)    खर्च (लाख रुपये में) 
2011              92           23.20
2012              99           27.70 
2013              89           35.28 
2014              90           49.24 
2015             101          67.37 
2016              82           65.40 
2017             103          65.09  
2018             105          47.79 
कुल योग           767         381.07 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें